नैनीताल, जेएनएन : चमोली की जिला पंचायत अध्यक्ष रजनी भंडारी पर नंदा देवी राजजात यात्रा में लगाए जा रहे भ्रष्टाचार के आरोपों के मामले में हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। कोर्ट ने दस दिसंबर को ब्यौरा कोर्ट में तलब करते हुए पूछा है कि इस मामले में उसने क्या कार्रवाई की।

वरिष्ठ न्यायमूर्ति न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की एकलपीठ में मंगलवार को चमोली निवासी जिपं सदस्य योगेंद्र प्रसाद सेमवाल की याचिका पर सुनवाई हुई। याचिका में जिला पंचायत अध्यक्ष रजनी भंडारी के निर्वाचन को चुनौती देते हुए कहा गया है कि अध्यक्ष व उनके पति पूर्व मंत्री राजेंद्र भंडारी ने जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में बड़ी धांधली की है। चुनाव को प्रभावित करने के लिए उन्होंने सदस्यों को तमाम तरह के प्रलोभन दिए, जिसकी वीडियो व ऑडियो रिकॉर्डिंग भी है। याचिकाकर्ता के अनुसार, जब इसकी शिकायत जिलाधिकारी चमोली से की गई तो उन्होंने जांच के लिए मामला पुलिस को रेफर कर दिया। मगर कोई जांच नही की गई। याचिकाकर्ता का यह भी कहना है कि जिपं अध्यक्ष रजनी भंडारी पर नंदादेवी राजजात यात्रा में भी भारी भ्रष्टाचार व गबन करने के आरोप सामने आए थे, लिहाजा इसकी भी जांच की जाए।

इस पर कोर्ट ने अब तक की गई कार्रवाई का ब्यौरा राज्य सरकार से दस दिसंबर तक तलब किया है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता के अनुसार, अभी हाल ही में कोर्ट ने देहरादून के विपुल जैन की जनहित याचिका में निर्णय दिया था कि अगर कोई ब्लाक प्रमुख व जिला पंचायत अध्यक्ष इस तरह के प्रलोभन देता है, तो शिकायतकर्ता के प्रार्थना पत्र पर मुकदमा दर्ज किया जाए।

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Posted By: Skand Shukla

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