जागरण संवाददाता, नैनीताल : हाई कोर्ट ने हल्द्वानी के दमुवाढूंगा में पिछौड़ा डेवलपर के निर्माणाधीन प्रोजेक्ट पर रोक लगाते हुए विपक्षियों कर्नल अनिमेश सिंह, उनकी पत्नी प्रीति सिंह व बहन को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। अगली सुनवाई तीन दिसंबर को होगी।

गुरुवार को वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजय कुमार मिश्रा की एकलपीठ में दमुवाढूंगा हल्द्वानी निवासी मेजर निधि सिंह की याचिका पर सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता के अनुसार उनके पिता कर्नल हुकम सिंह ने दमुवाढूंगा में जमीन खरीदी थी। 2014 तक यह क्षेत्र ग्रामीण में था। फिर 2014 में नगर निगम हल्द्वानी में शामिल हो गया था। 2017 में उनके पिता की मृत्यु हो गई। उनके पिता की तीन संतान मेजर निधि सिंह, कर्नल अनिमेष सिंह व प्रीति सिंह हैं। पिता की मृत्यु के बाद निधि सिंह ने म्यूटेशन के लिए तहसील में प्रार्थना पत्र दिया, जिस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

इस पर निधि सिंह ने आरोप लगाया कि उनके भाई अनिमेष सिंह ने गलत अनापत्ति प्रमाण पत्र बनाकर संपत्ति अपने नाम करा ली। इस संबंध में निधि सिंह ने सिविल जज हल्द्वानी की कोर्ट में वाद दायर किया। सिविल जज ने अपने आदेश में कहा कि अनिमेष सिंह ने सभी जगह से अनापत्ति प्रमाण पत्र लिए हैं, लिहाजा वह इस भूमि पर निर्माण कर सकते हैं और यह भूमि उनकी ही है। सिविल जज के आदेश को निधि सिंह ने याचिका दायर कर हाई कोर्ट में चुनौती दी। याचिकाकर्ता का आरोप है कि इस भूमि से कई पेड़ काटे गए हैं। फिर अनिमेश ने पत्नी को जमीन गिफ्ट कर दी। अब वहां पर पिछौड़ा डेवलेपर के नाम से करीब दो सौ फ्लैट्स बन रहे हैं।

Edited By: Skand Shukla