जासं, नैनीताल : जिला पंचायत चमोली अध्यक्ष रजनी भंडारी का निर्वाचन सवालों के घेरे में आ गया है। हाई कोर्ट ने उनके निर्वाचन को चुनौती देती याचिका पर सुनवाई करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष, उनके पति पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र भंडारी व एक अन्य देवी प्रसाद को नोटिस जारी किया है। साथ ही राज्य निर्वाचन आयोग से भी दो दिसंबर को स्थिति साफ करने के निर्देश दिए हैं। अगली सुनवाई दो दिसंबर को होगी।

चमोली निवासी योगेंद्र सेमवाल ने जिला पंचायत अध्यक्ष चमोली रजनी भंडारी के निर्वाचन को चुनौती दी है, जिसमें कहा है कि जिपं अध्यक्ष व उनके पति पूर्व मंत्री द्वारा चुनाव में धांधली की गई है। आरोप लगाया है कि चुनाव जीतने के लिए इनके द्वारा सदस्यों को प्रलोभन दिए गए। जिसकी ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिग मौजूद है। याचिकाकर्ता के अनुसार इसकी शिकायत जब डीएम चमोली से की गई तो पुलिस से मामले की जांच करने को कहा गया, मगर जांच नहीं की गई। यह भी कहा कि जिपं अध्यक्ष के पूर्व के कार्यकाल में नंदा राजजात यात्रा सुविधाओं में भी भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। लिहाजा उन्हें शपथ ग्रहण करने से रोका जाए। वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की एकलपीठ ने शपथ ग्रहण पर रोक लगाने से इन्कार करते हुए कहा कि मामला अब अदालत में है, आरोप सही पाए गए तो कोर्ट हस्तक्षेप करेगा। याचिकाकर्ता के अनुसार ऑडियो-वीडियो होने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जबकि हाई कोर्ट ने देहरादून के विपुल जैन की जनहित याचिका में पारित आदेश में कहा था कि यदि कोई ब्लॉक प्रमुख, जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में प्रलोभन देते हैं तो शिकायतकर्ता के प्रार्थना पत्र पर कार्रवाई की जाए।

Posted By: Jagran

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