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हाईकोर्ट ने कैलास मानसरोवर यात्रा के सामान ढुलान का टेंडर निरस्‍त किया, अब नए सिरे से होगा : nainital news

ने कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग में यात्रियों के सामान ढुलान के लिए कुमाऊं मंडल विकास निगम द्वारा जारी टेंडर को निरस्त कर दिया है। टेंडर नए सिरे से होगा।

By Skand ShuklaEdited By: Published: Fri, 14 Jun 2019 05:22 PM (IST)Updated: Fri, 14 Jun 2019 05:22 PM (IST)
हाईकोर्ट ने कैलास मानसरोवर यात्रा के सामान ढुलान का टेंडर निरस्‍त किया, अब नए सिरे से होगा : nainital news
हाईकोर्ट ने कैलास मानसरोवर यात्रा के सामान ढुलान का टेंडर निरस्‍त किया, अब नए सिरे से होगा : nainital news

नैनीताल, जेएनएन : हाईकोर्ट ने कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग में यात्रियों के सामान ढुलान के लिए कुमाऊं मंडल विकास निगम द्वारा जारी टेंडर को निरस्त कर दिया है। अब निगम प्रबंधन कल नए सिरे से टेंडर खोलेगा। कैलास मानसरोवर यात्रा में टेंडर विवाद के कारण यात्रियों को असुविधा होने की आशंका जताई जा रही है।

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पिथौरागढ़ जिले के उच्च हिमालयी क्षेत्र में कैलास मानसरोवर यात्रियों के सामान के ढुलान के लिए कुमाऊं मंडल विकास निगम ने ऑनलाइन टेंडर आमन्त्रित किया था , जो 28 मई को खुले। जिसमें न्यूनतम दर धारचूला के कुंदन भंडारी की एक रुपया 45 पैसा प्रति किमी, प्रति किलो था । जबकि दूसरे व्यक्ति धारचूला के अशोक सिंह 1.70 पैंसा था।सबसे कम राशि का टेंडर होने पर निगम प्रबन्धन ने कुंदन भंडारी को नेगोसियशन के लिए बुलाया और अंततः 1.25 रुपये की दर पर सहमति बनी। इस आधार पर कुंदन भंडारी ने पांच लाख की एफडी जमानत राशि के रूप में जमा की और 110 रुपये के स्टाम्प पेपर में बांड भी करवा लिया । किन्तु पहली जून को निगम के कार्यवाहक प्रबन्ध निदेशक व जिलाधिकारी नैनीताल विनोद कुमार सुमन ने दूसरे टेंडरदाता अशोक सिंह को नेगोशिएशन के लिए बुलाया जिन्होंने 86 पैंसे में यात्रियों का सामान प्रति किमी, प्रति किलो के दर से ढुलान की सहमति दे दी । जिस पर टेंडर अशोक सिंह को दे दिया गया ।

निगम के इस फैसले को कुंदन भंडारी ने हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए कहा कि निगम प्रबन्धन का यह निर्णय ऑन लाइन बिडिंग प्रणाली के विपरीत है जिसमें निगोशिएशन  के लिए केवल पहले नम्बर के टेंडरदाता को बुलाया जाता है और निगोशिएशन न होने की दशा में टेंडर रदद् किया जाता है । जिसका निगम ने पालन नहीं किया है । एकलपीठ ने निगम प्रबन्धन व दूसरे टेंडरदाता अशोक सिंह से जवाब मांगा था ।न्यायाधीश न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की एकलपीठ ने टेंडर प्रक्रिया को गलत ठहराया और निरस्त कर दिया। यहां बता दें कि कैलाश मानसरोवर यात्रा 12 जून से शुरू हो चुकी है। दो दल कुमाऊं में प्रवेश कर चुके हैं।

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