नैनीताल, जेएनएन : हाईकोर्ट बार एशोसिएशन की आमसभा ने दिल्ली तीस हज़ारी कोर्ट, में पुलिस द्वारा वकीलों के साथ की गई मारपीट और दुर्व्यवहार के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास किया है। साथ ही इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने व दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।

हाईकोर्ट बार एशोसिएशन सभागार में अध्यक्ष पूरन सिंह बिष्ट की अध्यक्षता व सचिव जयवर्धन कांडपाल के संचालन में हुई आमसभा में एकस्वर से सरकार से अधिवक्ता सुरक्षा कानून बनाने की मांग की गई। एशोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एमसी पंत, वरिष्ठ अधिवक्ता पुष्पा जोशी ने अधिवक्ताओं के साथ बढ़ती घटनाओं को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए कहा कि इन घटनाओं को रोका जाना चाहिए। अधिवक्ता न्यायिक सिस्टम की अहम कड़ी है, यदि उसे केस के बहाने टारगेट किया जाएगा तो गुनहगारों को सजा नहीं मिल पाएगी। छोटे से मामले को तूल देकर वकीलों पर की गई फायरिंग निंदनीय है, किसी भी रूप से सहन नहीं की जा सकती है। इस संबंध में अभी तक बार कांउसिल द्वारा कोई पत्राचार प्राप्त नहीं हुआ है। कोई पत्र आएगा तो अग्रिम कारवाई के लिए जाएगी।

बैठक में उपाध्यक्ष विपुल पैन्यूली, मनोज भट्ट, भुवनेश जोशी, दुर्गा सिंह मेहता, सीएस रावत, समेत अन्य मौजूद थे। उल्लेखनीय है कि शनिवार को तीस हजारी कोर्ट ने पुलिस व वकीलों के बीच झड़प हो गई थी। दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। मामले की जांच रिटायर्ड जज एसपी गर्ग करेंगे।जबकि सीबीआई व विजिलेंस के डायरेक्टर सहयोग करेंगे। हाईकोर्ट ने छह हफ्ते में जांच पूरी कर रिपोर्ट देने को कहा है।

Posted By: Skand Shukla

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