जागरण संवाददाता, नैनीताल : हाई कोर्ट ने रोडवेज कर्मचारियों को पांच माह से वेतन नहीं देने पर सख्त नाराजगी जताते हुए सरकार से पूछा है कि अब तक वेतन के लिए बजट रिलीज क्यों नहीं किया गया। सरकार ने जब 70 करोड़ देने की घोषणा की थी तो हर माह वेतन के लिए 21 करोड़ जारी क्यों नहीं किया गया। कोर्ट ने सरकार को वेतन भुगतान के लिए स्कीम तैयार करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही परिवहन निगम से घाटे की पूरी डिटेल कोर्ट में पेश करने को कहा है।

बुधवार को मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति राघवेंद्र सिंह चौहान व न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ में रोडवेज कर्मचारी यूनियन की जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। इसमें कहा गया है कि कर्मचारियों को पांच माह से वेतन नहीं मिल रहा है। राज्य बनने के दो दशक बाद अब तक उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के साथ परिसंपत्तियों का बंटवारा नहीं हुआ है। उत्तर प्रदेश उत्तराखंड परिवहन निगम की 27 करोड़ की रकम नहीं दे रहा है। खंडपीठ में सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता एसएन बाबुलकर मौजूद रहे। कोर्ट ने उनसे कहा कि वेतन के बिना कर्मचारी कैसे काम करेंगे। साथ ही पूछा कि उत्तर प्रदेश के साथ परिसंपत्तियों के बंटवारे में अब तक क्या प्रगति हुई है, इसका पूरा ब्योरा 17 मार्च तक पेश करने के निर्देश दिए हैं। अगली सुनवाई 17 मार्च को ही होगी।

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