पिथौरागढ़, संवाद सहयोगी : स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी अति दुर्गम क्षेत्रों में अपनी जान जोखिम में डालकर भी टीकाकरण कार्य करने में जुटे हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 15 हजार फीट ऊंचाई तक पहुंचकर चीन सीमा पर तैनात जवानों को कोरोना का टीका लगाया। तीन दिनों तक चले अभियान में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने करीब 15 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित नाबिढांग व दस हजार फीट ऊंचाई पर स्थित गुंजी पहुंचकर जवानों को कोरोना की दूसरी खुराक लगाई। 

सीमा पर तैनात जवानों को टीकाकरण के लिए टीकाकरण केंद्रों में बुलाना व्यावहारिक नहीं था, जिसे देखते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी डा. हरीश चंद्र पंत द्वारा स्वास्थ्य विभाग की टीम को टीकाकरण के लिए बॉर्डर पर ही भेजा गया। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की पांच सदस्यीय टीम चीन सीमा पर तैनात आइटीबीपी व एसएसबी की अग्रिम चौकियों में पहुंची। जहां पहुंचने के लिए के लिए टीम को खासी मशक्कत करनी पड़ी। लमारी से छियालेख तक टीम को 15 किमी पैदल सफर तय करना पड़ा। पहले दिन टीम गब्र्यांग पहुंची। 

दूसरे दिन गुंजी और अगले दिन नाबिढांग पहुंचकर टीम ने आइटीबीपी व एसएसबी के कुल 166 जवानों को कोरोना का टीका लगाया। सीमा पर जवानों का टीकाकरण कार्य कर लौटे टीम में शामिल प्रतिरक्षण सहायक मोहित पंत ने बताया कि बार्डर पर चौकियों में उपलब्ध वीसेट के जरिए टीकाकरण कार्य में किसी भी तरह का कोई व्यवधान नहीं आया। इससे पूर्व भी टीम ने विगत माह अग्रिम चौकियों में पहुंचकर जवानों को कोरोना का पहला टीका लगाया था। टीम में वैक्सीन कोल्डचैन मैनेजर पंकज बिष्ट, स्टाफ नर्स ईश्वर दत्त जोशी, फील्ड सुपरवाइजर चंदन सिंह, डा. दर्शन बेरी भी शामिल थे। 

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