संवाद सहयोगी, सल्ट (अल्मोड़ा) : उपमंडल में सबसे बड़ी आबादी वाले सल्ट क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवा खुद के उपचार को जूझ रही है। गढ़वाल सीमा से लगे विकासखंड के ग्रामीणों को बेहतर सुविधा के मकसद से सरकार ने सीएचसी देवायल में 30 बेड वाला नया भवन तो तैयार कर लिया। मगर महिला रोग विशेषज्ञ व पैथेलाजिस्ट की तैनाती न होने से सीएचसी रेफरल सेंटर बना पड़ा है। प्रसव से जुड़े मामले हों, अल्ट्रासाउंड या खून की जांच, ग्रामीणों को रामनगर की दौड़ लगानी होती है। 

एक लाख से अधिक आबादी वाले सल्ट क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवा खुद ही वेंटीलेटर पर है। पूरी विधानसभा में एकमात्र देवायल स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में विशेषज्ञ चिकित्सक ही नहीं, जरूरी संसाधन, उपकरणों व अल्ट्रासाउंड का बड़ा अभाव है। ग्रामीणों व पंचायत प्रतिनिधियों के कई बार आवाज उठाने के बावजूद सीएचसी को पैथोलाजिस्ट भी नसीब नहीं हो सका है। जैसे-तैसे एक्सरे मशीन लगी। रेडियोलाजिस्ट की नियुक्ति हुई लेकिन हड्डी रोग विशेषज्ञ की कमी अब तक खटक ही रही है। 

चिकित्साधिकारी सौरभ सिंह ने बताया कि सीएचसी देवायल में महिला रोग विशेषज्ञ का पद सृजित नहीं है। पैथोलाजी लैब तकनीशियन की तैनाती न होने से समस्या हो रही है। बाकी व्यवस्था दुरुस्त हैं और सुचारू चल रही हैं।

क्या बोले लोग

विशेषज्ञ डाक्टर न होने से सबसे ज्यादा गर्भवती महिलाओं को परेशानी हो रही है। छोटी बड़ी सभी बीमारियों व जांच के लिए रामनगर जाना पड़ता है। वहां भी सुविधा न मिली तो बड़े शहरों के चक्कर काट धन व समय दोनों की बर्बादी होती है। 

- गोविंदी देवी, कुणीधार, मानिला

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महिला व हड्डी रोग विशेषज्ञ की तैनाती बहुत जरूरी है। दुर्घटना हो या प्रसव का मामला, मैदानी क्षेत्र के अस्पतालों के सहारे रहना पड़ता है। इतना बड़ा विकासखंड है लेकिन अल्ट्रासाउंड मशीन भी नहीं है। ग्रामीणों की परेशानी देख सुविधाओं में सुधार करना होगा। 

- रेखा देवी, कुणीधार

Edited By: Prashant Mishra