उत्तराखंड में हाई कोर्ट की जमीन के नाम पर प्रापर्टी डीलरों का कारोबार तेज, आसपास प्लाट दिलाने के दावे
हल्द्वानी में हाई कोर्ट के लिए चिह्नित वनभूमि के हस्तांतरण की प्रक्रिया जारी है, वहीं प्रापर्टी डीलर इस क्षेत्र में जमीन बेचने के लिए सक्रिय हो गए हैं।

हाई कोर्ट को चिन्हित जमीन की फोटो।

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जागरण संवाददाता, हल्द्वानी। रामपुर रोड पर हाई कोर्ट के लिए चिह्नित जमीन के नाम पर प्रापर्टी डीलरों ने आनलाइन दुकानें सजा डाली हैं। डिजिटल के दौर में इंटरनेट मीडिया के माध्यम से हाई कोर्ट के नजदीक प्लाट दिलवाने के दावे किए जा रहे हैं।
पोस्ट पर जमीन संबंधी ब्योरे के साथ ही दाम भी बताए जा रहे हैं। दावा यहां तक है कि भविष्य में इस क्षेत्र में विकास की अपार संभावनाएं हैं, लिहाजा निवेश करने पर फायदा होगा।
नैनीताल से हाई कोर्ट की शिफ्टिंग को लेकर रामपुर रोड पर बेलबाबा के पास तराई केंद्रीय डिवीजन की भाखड़ा रेंज की 30 हेक्टेयर भूमि को चिह्नित किया गया है। वनभूमि होने के कारण केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की स्वीकृति के बाद ही प्रोजेक्ट आगे बढ़ पाएगा। लोनिवि, प्रशासन और वन विभाग ने संयुक्त सर्वे के बाद बेतालघाट में पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति के लिए जमीन ढूंढ ली है।
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इसके बाद आधिकारिक तौर पर बेलबाबा की भूमि के हस्तांतरण को लेकर केंद्रीय पोर्टल परिवेश पर आवेदन किया गया। लोनिवि की हल्द्वानी डिवीजन के ईई प्रत्यूष कुमार ने बताया कि आवेदन नोडल के पास पहुंच चुका है। यहां से भारत सरकार तक जाएगा।
केंद्र सरकार से सैद्धांतिक स्वीकृति मिलने के बाद डिजाइन-डीपीआर को अंतिम रूप देने के लिए निजी कंपनी का चयन किया जाएगा। यानी अहम प्रोजेक्ट को लेकर अभी लंबी प्रक्रिया से गुजरना है, लेकिन हाई कोर्ट के नाम पर प्रापर्टी डीलरों ने कारोबार को तेज कर दिया है। फेसबुक पेज के माध्यम से हाई कोर्ट के आसपास के गांवों में बेहतर प्लाट दिलाने के दावे किए जा रहे हैं।
हाई कोर्ट से दूरी बता ग्राहकों को कर रहे आकर्षित
पोस्ट में प्लाट की लंबाई-चौड़ाई, दिशा, रेट, जगह के नाम के साथ ही हाई कोर्ट को चिह्नित भूमि से दूरी भी बताई गई है। मौजूदा सड़क की चौड़ाई, नजदीकी स्कूल और हाईवे से दूरी का जिक्र भी है। लोगों की मानें, तो पिछले दो माह के भीतर जमीनों के दाम में भी उछाल नजर आ रहा है।
