जागरण संवाददाता, हल्द्वानी: सर्किल रेट बढ़ाने के विरोध में लोग अब सड़कों पर उतर आए हैं। सोमवार को कांग्रेस प्रदेश महासचिव महेश शर्मा के नेतृत्व में पूर्व और वर्तमान जनप्रतिनिधियों ने कालाढूंगी रोड से लेकर एसडीएम कोर्ट तक पदयात्रा निकाली। आक्रोशित लोगों ने कहा कि पहले जबरन ग्रामीण क्षेत्र को नगर निगम में शामिल कराया गया और उसके बाद विकास प्राधिकरण लागू हुआ। अब जमीनों के सर्किल रेट बढ़ाकर सरकार ने उत्पीड़न की हद पार कर दी है।

एसडीएम कोर्ट में सभा के दौरान लोगों ने कहा कि ग्रामीणों के भारी विरोध के बावजूद ग्रामीण क्षेत्र को निगम के दायरे में लाया गया। जबकि हकीकत यह है कि इन नए वार्डो में विकास के नाम पर अब तक एक ईट नहीं लगी। पहले ग्राम पंचायत, जिला पंचायत व क्षेत्र पंचायत के माध्यम से होने वाले काम भी ठप हो चुके हैं। किसानों को मिलने वाली सुविधाएं बंद हो चुकी है। वहीं, तमाम तरह का चार्ज लेने के बाद अब खाली पड़े प्लाटों पर भी टैक्स देने का आदेश जारी किया गया है। कांग्रेस नेता महेश शर्मा ने कहा कि प्राधिकरण लागू होने के बाद से ग्रामीण इलाकों में व्यावसायिक भवन बनाना असंभव हो चुका है।

लोगों को एक नक्शा पास कराने के लिए महीनों धक्के खाने पड़ते हैं। इसके अलावा एक माह पूर्व जमीनों के सर्किल रेट बढ़ने से मजबूरी में पुराने एग्रीमेंट के हिसाब से रजिस्ट्री करनी पड़ रही है। सरकार के इस नियम से रोजगार खत्म होने के साथ राजस्व को भी नुकसान पहुंच रहा है। पूर्व मंडी सभापति व एआइसीसी सदस्य सुमित हृदयेश ने कहा कि प्रदेश सरकार के हर नियम से आम आदमी का उत्पीड़न हो रहा है। हकीकत यह है कि सरकार का हर विकास कार्य बयान और फाइलों तक सीमित है। इसके बाद लोगों ने सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह के माध्यम से सीएम को ज्ञापन भी भेजा। पदयात्रा में ये रहे शामिल

कानू बिष्ट, राहुल छिमवाल, गोविंद बिष्ट, पूरन सिंह खन्नी, श्याम सिंह बिष्ट, देवेंद्र बिष्ट, संजय बिष्ट, ग्राम प्रधान सीमा पाठक, विजय सिंह, प्रदीप नेगी, रविंद्र सिंह, रमेश निगल्टिया, टीकम सिंह दरम्वाल, गणेश भंडारी, कुंदन बोहरा, मनोहर नेगी, सुरेंद्र बिष्ट, खीमानंद शर्मा, संजू फुलारा, दवेंद्र बिष्ट, भुवन शर्मा, वीरेंद्र सिंह बर्गली आदि।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस