टीम जागरण, हल्द्वानी : Haidakhan Road Blocked : हैड़ाखान से लेकर रीठासाहिब तक करीब 200 गांवों की सड़क 15 नवंबर के बाद से बंद पड़ी है। ऐसे में हजारों ग्रामीणों को संकट के दौर से गुजरना पड़ रहा है। सड़क से जुड़े मामले में अब कांग्रेस भी मुखर हो चुकी है।

मंगलवार सुबह दस बजे नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य सड़क को जल्द सुचारू करने की मांग को लेकर धरने पर बैठे। सड़क को जल्द सुचारू करने की मांग को लेकर मंगलवार को कांग्रेसियों के साथ नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य धरने पर बैठे।

वहीं, मंगलवार को हैड़ाखान मार्ग बंद होने के कारण दूल्‍हे संग पूरी बरात को पैदल रास्‍ता पार करना पड़ा। जिसके बाद दूल्‍हा भी नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य व अन्‍य कांग्रेसियों के साथ धरने पर बैठ गया। जिसके बाद यह खबर आग की तरह शहर में फैल गई और हर ओर इसकी चर्चा होने लगी।

इससे पहले सोमवार को भीमताल विधायक राम सिंह कैड़ा ने वन विभाग व लोनिवि के अधिकारियों संग सड़क का निरीक्षण कर कहा कि वैकल्पिक मार्ग बरसात में बंद हो जाएंगे। इसलिए पुरानी सड़क पर ही ज्यादा फोकस किया जाए।

बता दें कि काठगोदाम से दो किमी दूरी पर हैड़ाखान रोड पर 15 नवंबर को भारी मात्रा में भूस्खलन हुआ था। 380 मीटर सड़क मलबे से पट गई थी। लोनिवि ने मलबा तो साफ कर दिया, लेकिन स्थायी ट्रीटमेंट को लेकर लंबे अध्ययन के बाद ही काम होने का हवाला दिया। ऐसे में ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ गई।

निरीक्षण को पहुंचे विधायक राम सिंह कैड़ा ने कहा कि वैकल्पिक रास्ते सिंगल होने के कारण वाहन फंस रहे हैं। इसके अलावा बरसात होने पर यहां से गुजरना मुश्किल हो जाएगा। इसलिए मुख्य मार्ग को ही सुचारू किया जाए। काम में बजट की कमी नहीं होने दी जाएगी।

निरीक्षण के दौरान डीएफओ बाबूलाल, रेंजर बीएस मेहता, एई मनोज पांडे समेत ग्रामीण मौजूद थे। वहीं, कांग्रेस का कहना है कि नेता प्रतिपक्ष संग अन्य कार्यकर्ता भी क्षतिग्रस्त मार्ग को जल्द दुरुस्त करने की मांग को लेकर धरने पर जुटेंगे।

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सड़क से मलबा हटने के बाद लोनिवि ने पहाड़ी की स्थिति को देखते हुए भूस्खलन की आशंका जताई थी। पहले दिन पैदल और बाइक सवार यहां से निकले तो विभाग ने खाई खोदान के साथ मिट्टी से एक छोर को ऊंचा कर दिया था। सोमवार को निरीक्षण के दौरान विधायक के कहने पर मिट्टी हटा दी, ताकि लोग पैदल निकल सकें। इसके अलावा एलाइनमेंट बदल वन भूमि क्षेत्र से सड़क को निकालने पर भी मंथन चल रहा है।

Edited By: Nirmala Bohra

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