गिरिजा माता मंदिर की बाढ़ से सुरक्षा के लिए जल्द शुरू होगा काम, निरीक्षण के लिए पहुंचे अधिकारी
बरसात खत्म होने के बाद मां गिरिजा देवी मंदिर की कोसी नदी की बाढ़ से सुरक्षा के लिए दूसरा चरण का निर्माण कार्य शुरू होगा। सिचाई विभाग के अधिकारियों ने मंदिर क्षेत्र का निरीक्षण किया। वर्ष 2010 और 2022 की बाढ़ से मिट्टी खिसकने और दरारों के कारण टीले को खतरा उत्पन्न हो गया था।

जागरण, संवाददाता, रामनगर। बरसात का सीजन खत्म होने के बाद मां गिरिजा देवी मंदिर की कोसी नदी की बाढ़ से सुरक्षा के लिए अब दूसरे चरण का कार्य शुरू हो जाएगा। सिचाई विभाग के अफसरों ने निर्माण कार्य शुरू कराने के लिए मंदिर क्षेत्र का निरीक्षण किया। गिरिजा देवी मंदिर मिटटी के टीले पर स्थित है। वर्ष 2010 व वर्ष 2022 में आई बाढ़ से मिटटी खिसकने से आई दरारों की वजह से टीले को खतरा पैदा हो गया था।
खतरे को देखते हुए गंगा स्नान मेले में श्रद्धालुओं की आवाजाही मंदिर में बंद करनी पड़ी थी और बारिश से बचाने के लिए टीले को बड़े तिरपाल से ढकना पड़ा था। मंदिर की अनदेखी का यह मामला सुर्खियों में रहा तो शासन को 11 करोड़ रुपये की धनराशि निर्माण कार्य के लिए आवंटित की।
बरसात से पहले मिटटी के टीले को कंक्रीट व लोहे की बारीक जाली से सुरक्षित किया गया था। अब दूसरे चरण का काम होना है। शनिवार को निरीक्षण के लिए पहुंचे सिचाई विभाग के अफसरों ने ठेकेदार को दूसरे चरण का कार्य शुरू करने के निर्देश दिए।
दूसरे चरण के काम में मंदिर के टीले को कंक्रीट के ब्लाक से और सुरक्षित किया जाएगा। पूरे टीले की ऊंचाई तक कंक्रीट के ब्लाक सीढ़ीदार बनाए जाएंगे। नीचे बड़े और ऊपर छोटे ब्लाक होंगे। ताकि बाढ़ का पानी टीले तक नहीं पहुंच सके। मंदिर के चारों ओर पांच मीटर की खोदाई होगी। इसके बाद उसमें बोल्डर व सीमेंट भरकर ऊपर तक ब्लाक बनेंगे। निर्माण कार्य के दौरान मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खुला रहेगा। इस दौरान सिचाई विभाग के मुख्य अभियंता संजय शुक्ला, अधिशासी अभियंता अजय जोन मौजूद रहे।

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