हल्द्वानी, जागरण संवाददाता : ड्यूटी रेस्ट को लेकर रोडवेजकर्मियों के बाद अब कर्मचारी संगठन भी एकजुट हो गए हैं। चार कर्मचारी यूनियनों ने संयुक्त मोर्चा बनाकर परिवहन निगम के खिलाफ संघर्ष का ऐलान किया है। जल्द संयुक्त मोर्चे की बैठक की जाएगी। परिवहन निगम में पहले लंबे रूट पर चलने वाले चालकों को वन डे फुल रेस्ट दिया जाता था। यानी अगर कोई चालक दिल्ली या देहरादून से दोपहर में हल्द्वानी लौटा है तो अगले दिन उसे रूट पर नहीं भेजा जाता था। मगर अब नियमों में बदलाव कर दिया गया।

 

अब चालक के दोपहर में रूट से वापस लौटने पर अगली सुबह उसे दोबारा स्टेयरिंग थमा दिया जा रहा है। जिसे लेकर रोडवेजकर्मियों में खासा आक्रोश है। चालक इसे एमवी एक्ट का उल्लंघन बता रहे हैं। वहीं, उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष कमल पपनै ने बताया कि अब चार संगठन मिलकर इस निर्णय के खिलाफ संघर्ष करेंगे। संयुक्त मोर्चे में उत्तराखंड रोडवेज इंप्लाइज यूनियन, उत्तरांचल परिवहन संघ, रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद व उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन शामिल होगी।

 

दोबारा रूट पर भेजने पर हंगामा हुआ था : गुरुवार रात आठ बजे काठगोदाम डिपो से एक बस को हरियाणा के हिसार रूट की सवारियां ले जाने के लिए बस स्टेशन भेजा गया था। इस बीच लोगों को यह पता चलने पर हंगामा खड़ा हो गया कि चालक सुबह ही दिल्ली से लौटा है। जिसके बाद मामला एआरएम व आरएम तक भी पहुंचा। जिसके बाद गलती स्वीकार करते हुए निगम ने दूसरे चालक को रूट पर भेजा। मगर डबल ड्यूटी तय करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की।

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