जागरण संवाददाता, रुद्रपुर : किच्छा पुलिस ने आठ किग्रा चरस के साथ पिथौरागढ़ में तैनात दो पुलिस कांस्टेबल के साथ चार लोगों को दबोच लिया। बरामद चरस की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 20 लाख रुपये बताई जा रही है। एसएसपी ने पुलिस टीम को ढाई हजार रुपये पुरस्कार का एलान किया है। पूरे कुमाऊं में नशा तस्करी का जाल फैला हुआ है। इसकी जड़ें बहुत गहरी हैं। ऊधमसिंह नगर में ड्रग तस्करों के साथ पुलिस कर्मियों की मिलीभगत सामने आई है। ऐेसे में जिस पर नशे को रोकने की ही जिम्मेदारी हो तो उस पर लगाम कैसे लगेगी।

एसएसपी दलीप सिंह कुंवर ने शनिवार को एसएसपी कार्यालय में बताया कि किच्छा पुलिस को लालपुर मजार के पास दो वाहनों में चरस की बड़ी डील की सूचना मिली। इस पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर तत्काल कार्रवाई करते हुए लालपुर मजार के पास घेराबंदी कर दी। इस दौरान वहां खड़ी होंडा इमेज कार नंबर यूके 04 एस 2114 में बैठे विपुल शैला पुत्र चंद्र सिंह शैला निवासी आदर्श कॉलोनी खटीमा, पियूष खड़ायत पुत्र बहादुर सिंह खड़ायत निवासी टिकरी खटीमा को तथा उसके साथ ही खड़ी टैक्सी मारुति वैगन आर नंबर यूके 05 टीए 2091 में बैठे प्रभात सिंह बिष्ट पुत्र मोहन सिंह बिष्ट निवासी अमाऊ खटीमा, दीपक पांडे पुत्र मुरलीधर पांडे निवासी खेती खान थाना लोहाघाट जनपद चम्पावत को दबोच लिया। कार की तलाशी में अमेज कार से 1.094 किग्रा व वैगन आर से 6.914 किग्रा चरस बरामद कर ली। तस्करों में दीपक पांडे व प्रभात सिंह बिष्ट पुलिस कांस्टेबल है और वर्तमान में वह दोनों पिथौरागढ़ में तैनात है। एसएसपी दलीप सिंह कुंवर ने बताया कि पिथौरागढ़ के एसएसपी को मामले की सूचना दे दी गई है।

ये पुलिस टीम में शामिल

चरस बरामद करने वाली पुलिस टीम में सीओ किच्छा वीर सिंह के साथ ही प्रभारी निरीक्षक चंद्रमोहन सिंह, एसएसआइ राजेश पांडेय, एसआइ सतेंद्र बुटोला, का. शंकर बिष्ट, त्रिलोक पांडे, प्रवेश गुप्ता, अर्जुन पाल शामिल थे।

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Edited By: Prashant Mishra