नैनीताल, जेएनएन : विधायकों के खरीद-फरोख्‍त स्टिंग मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई शुरू होने से पहले पूर्व मुख्‍यमंत्री हरीश रावत ने लगातार एक के बाद एक कई ट्वीट कर विरोधियों पर निशाना साधा। उन्‍हानें लिखा है कि मेरी लड़ाई आज हाईकोर्ट में केवल इस बात की नहीं है कि सीबीआई को मेरे ऊपर वाद दर्ज करने का अधिकार है या नहीं है, लड़ाई इस बात की भी है कि, उत्तराखण्डी स्वभावगत, सरलता, क्या इसी तरीके से शोषित की जायेगी और उसका अपमान किया जायेगा। हरदा ने आगे कहा कि उत्तराखण्ड के लोग स्वभावतः दूसरे पर विश्वास करते हैं, हर व्यक्ति का आदर करते हैं, जो मेरा तथाकथित स्टिंग है, वो एक उत्तराखण्डी की स्वभावगत कमजोरी का षड्यंत्रपूर्ण तरीके से उठाया गया कदम है। इसका निष्कर्ष जो भी हो, मैं उसका दण्ड भुगतने के लिये तैयार हूँ। 

इसके साथ ही हरदा ने कहा कि ऐसी ही कोशिशें कई अन्य लोगों के साथ भी हुई हैं बावजूद इसके उत्तराखण्ड में कुछ लोग स्टिंगबाजी को राजनैतिक अस्त्र बना लेना चाहते हैं। हरदा ने कहा कि मैंने निश्चय किया है कि, परिणाम कुछ भी हों, मगर इस दुष्संस्कृति के खिलाफ जिसका मैं शिकार हुआ हूँ, मैं लोगों तक अपनी लड़ाई को लेकर के जाऊंगा। उत्तराखण्ड कई तरीके की बुराइयों का शिकार हो रहा है, उनमें से एक यह भी बुराई है, जो यहां की राजनीति को कभी स्थिर नहीं होने देती। उन्‍होंने कहा कि कीमत, उत्तराखण्ड का आम आदमी चुकाता है और लाभ कुछ और लोग उठाकर के ले जाते हैं, जो यहां खाली ट्रंक लेकर के आते हैं और वो यहां से करोड़ों की सम्पति बनाकर, हमे ही डराते हैं। आप देहरादून में देखिये, ऐसे कई लोग हैं, जो राज्य बनने के बाद यहां आये, अच्छा है, यहां के विकास में सहयोग करें, मगर यहां की संस्कृति को यदि चोट करने की कोशिश करेंगे, तो उसके खिलाफ आवाज उठनी चाहिये, सवाल हरीश रावत का नहीं है, ये उत्तराखण्ड के भविष्य को बचाने का भी सवाल है।

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Posted By: Skand Shukla

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