जागरण संवाददाता, हल्द्वानी : बर्खास्त कर्मचारियों की बहाली की मांग को लेकर अनशन पर बैठीं बबली देवी को बुधवार शाम पांच बजे पुलिस ने जबरन उठा लिया। बबली 50 घंटे से अनशन पर थीं। संघ के प्रदेश अध्यक्ष राहत मसीह ने बुधवार को डीएम धीराज गब्र्याल से फोन पर बात कर अनशनकारी की अनदेखी की शिकायत की। इसके बाद अनशनकारी का स्वास्थ्य परीक्षण हुआ। कुछ ही देर में पुलिस ने उन्हें उठा लिया।

देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ छह कर्मचारियों की बहाली को लेकर 20 दिनों से हड़ताल पर हैं। तीन दिन से अनशन पर होने से बबली देवी के स्वास्थ्य में गिरावट आ रही थी। प्रदेश अध्यक्ष राहत ने बताया कि प्रशासन की अनदेखी की शिकायत को फोन से डीएम को अवगत कराया। तीन दिन तक स्वास्थ्य परीक्षण नहीं किया गया। डीएम से शिकायत करने के बाद बेस अस्पताल से डाक्टरों की टीम पहुंचीं। डाक्टर की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस प्रशासन ने उन्हें अनशन से जबरन उठा दिया। उन्हें बेस में भर्ती कराया है।

इधर, बर्खास्त महिला कर्मी कृष्णा अनशन पर बैठ गई हैं। प्रदेश संगठन मंत्री अमित कुमार ने कहा कि नगर निगम व नगर प्रशासन सत्ता के दबाव में कर्मचारियों के जीवन से खिलवाड़ कर रहा है। अमित ने कहा कि निगम प्रशासन एक पक्ष के दबाव में काम कर रहा है। कर्मचारियों की बहाली नहीं होती तो संगठन कार्यबहिष्कार का रणनीति बनाएगा। इससे पहले पार्षद राजेंद्र अग्रवाल ने आंदोलन को समर्थन दिया। यहां संघ के संस्थापक बांके लाल, शाखा अध्यक्ष जय प्रकाश, रामू भारती, विजय पाल, रवि चिंडालिया, चौधरी अशोक, विजय, वसीम अहमद, शौकत अली, विश्वास, विशाल, रोहित, मंजू, श्यामकली, अनीता, राजेश, सचिन, कैलाश, दिनेश चौधरी, चंदन, अरुण, लक्की, अर्जुन आदि शामिल रहे।

Edited By: Prashant Mishra