जागरण संवाददाता, बागेश्वर : जिला अस्पताल में वाशिंग मशीन में एकाएक आग लग गई। अस्‍‍‍पताल के ओपीडी, इमरजेंसी और वार्डों तक धुंआ फैल गया। जिससे चारों तरफ अफरातरफी मच गई। अस्तपाल में आग लगने की घटना के बाद मरीज भी बेड छोड़कर बाहर निकलने लगे। फायर बिग्रेड की टीम ने आधा घंटे के अंतराल में आग पर काबू पाया और लोगों ने राहत की सांस ली।

शुक्रवार को लगभग साढ़े 12 बजे जिला अस्पताल में वाशिंग मशीन पर चादर, तकिये के खोल आदि धुल रहे थे। एकाएक मशीन में शार्टसर्किट हुआ और आग लग गई। कपड़े धोने वाले कर्मचारी वहां से भागने लगे। उन्होंने तत्काल इसकी सूचना सीएमएस को दी और फायर बिग्रेड बुला ली गई। लगभग पांच मिनट में फायर की टीम घटना स्थल पहुंच गई। लेकिन तब तक धुंआ ओपीडी, वार्ड और इमरजेंसी की तरफ फैलने लगा। आग लगने की घटना के बाद वहां अफरातफरी मच गई। ओपीडी पूरी तरह ठप हो गई और लोग अस्पताल परिसर से बाहर निकलने लगे।

हालांकि, डाक्टरों और स्टाफ ने लोगों को समझाने की कोशिश की और आधा घंटे के भीतर आग पर काबू पा लिया गया और जिससे बड़ी घटना टल गई। कर्मचारी अंकित, सूजीत ने बताया कि वह पिछले छह माह से वाशिंग मशीन खराब होने की सूचना लगातार दे रहे थे। लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा था। शुक्रवार को कपड़ा धोते समय शार्टसर्किट हो गया और मशीन में आग लग गई। आग बुझाने वालों में धीरज कुमार, हरीश कुमार, भूपेंद्र रावत, मनोज उपाध्याय, डा. नितिन तिवारी, प्रवीण कुमार आदि शामिल थे।

फायर की टीम आने से पहले डाक्टर भी जुटे

आग लगने पर जहां जिला अस्पताल में एक तरह से भगदड़ मच गई। वहीं डाक्टर इमरजेंसी में रखे सिलेंडरों को लेकरआग बुझाने में जुट गए। फायर बिग्रेड के हरीश कुमार अपनी पत्नी को लेकर अस्पताल आए थे। लेकिन आग लगने की सूचना पर वह भी बुझाने में जुट गए। सीएमएस डा. एलएस बृजवाल ने बताया क‍ि किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ है। बाथरूम की टायल क्षतिग्रस्त है। शार्टशर्किट से आग लगी है और इसकी जांच की जा रही है।

 

Uttarakhand Flood Disaster: चमोली हादसे से संबंधित सभी सामग्री पढ़ने के लिए क्लिक करें

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप