जागरण संवाददाता, चम्पावत : वनों में आग लगने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही। मंगलवार की शाम से बुधवार तक महज 24 घंटे मे ही जिले के विभिन्न स्थानों में आग लगने की 11 घटनाओं में सात हेक्टेयर वन क्षेत्र को व्यापक नुकसान पहुंचा है। फायर स्टेशन लोहाघाट का दमकल वाहन इन दिनों दिनभर सड़कों पर दौड़ता नजर आ रहा है। मंगलवार का फायर कर्मियों ने छह स्थानों पर आग बुझाई। बुधवार को भी दमकल कर्मी आग बुझाने में जुटे रहे।

बुधवार को बाराकोट, पाटी, भिंगराड़ा, मूनाकोट के जंगलों में आग लगने से बड़े पैमाने पर वन संपदा को नुकसान पहुंचा। भिंगराड़ा के कई जंगलों में एक माह के भीतर दो बार आग लग चुकी है। मंगलवार को मायावती, फोर्ती के जंगलों में भी आग से दो हेक्टेयर में फैले जंगल को नुकसान पहुंचा। मंगलवार की ही देर रात चम्पावत के भरछाना से नगर से लगे जंगल में आग लग गई। सूचना के बाद लोहाघाट से दमकल कर्मी मौके पर पहुंचे और उन्होंने डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। फायर टीम ने चम्पावत छतार के पास ट्रांसफार्मर में लगी आग को भी बमुश्किल बुझाया।

मल्ली चांदमारी लोहाघाट के समीप और पंचेश्वर क्षेत्र के जंगलो में लगी पर भी फायर कर्मियों ने स्थानीय लोगों की मदद काबू पा लिया। पिछले दो माह से अग्निशमन विभाग लगातार आग बुझाने में जुटा हुआ है। कहीं फायर कर्मियों को स्थानीय लोगों की मदद मिल रही है तो कहीं उन्हें अकेले आग से जूझना पड़ रहा है।

फायर स्टेशन लोहाघाट के प्रभारी अग्निशमन अधिकारी मोहन सिंह थापा ने बताया कि मार्च माह से सात अप्रैल तक अग्निशमन विभाग वनाग्नि की 29 घटनाओं पर काबू पा चुका है। मार्च माह में 14 जबकि अप्रैल माह में अब तक 15 घटनाओं में जंगलों से आग बुझाई जा चुकी है।

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