रामनगर, जेएनएन : कॉर्बेट के जंगल में सुरक्षा का जिम्मा संभाल रहे वन कर्मियों की मदद के लिए विभाग ने हाथ बढ़ाए हैं। अब ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले वन कर्मियों को सरकार की ओर से मदद मिलने के साथ ही विभागीय संस्था की ओर से भी पांच लाख की आर्थिक मदद दी जाएगी।

कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में बाघों व जंगल की सुरक्षा, वनाग्नि सुरक्षा काफी चुनौती पूर्ण है। पिछले पांच साल के भीतर ड्यूटी के दौरान 12 से अधिक वनकर्मी बाघों व हाथी के हमले में अपनी जान गवां चुके हैं। लगातार बढ़ रही इन घटनाओं को देखते हुए बीते साल विभागीय अधिकारियों व वन मंत्री हरक सिंह रावत ने बैठक में कॉर्बेट टाइगर रिजर्व द्वारा गठित कॉर्बेट फाउंडेशन संस्था से कर्मचारियों की मदद करने का निर्णय लिया था। जिस पर बैठक में सहमति भी बनी थी। अब तक वन्य जीवों के हमले में जान गंवाने पर राज्य सरकार की ओर से तीन लाख रुपये देने का प्रावधान है।

सीटीआर के निदेशक राहुल ने बताया कि अब सीटीआर द्वारा विभागीय कॉर्बेट फ ाउंडेशन संस्था की ओर से वन्य जीवों की सुरक्षा, अवैध गतिविधियों को रोकने, वनाग्नि रोकने व अवैध पातन को रोकने में मौत होने पर पांच लाख रुपये की अलग से मदद की जाएगी। जिससे कि मृतक वनकर्मी के परिजनों को आर्थिक मदद मिल सके।

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Posted By: Skand Shukla

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