गदरपुर / ऊधमसिंहनगर, जेएनएन : अगर आप विलेज क्वारंटाइन सेंटर में रुके हैं और आपके घर से खाना नहीं पहुंचा तो आपको भूखे ही सोना पड़ेगा। ऊधमसिंहनगर जिले के गदरपुर के एक गांव में ऐसा ही एक मामला देखने को मिला। रामकोट नंबर छह में बने विलेज क्वारंटाइन सेंटर में एक परिवार 21 मई को रेवाड़ी हरियाणा से यहां पहुंचा। मां के बुजुर्ग और बीमार होने के कारण क्वारंटाइन सेंटर में परिवार के लिए घर से खाना नहीं आ सका और उन्हें  करीब आठ साल की बच्ची के साथ भूखा ही सोना पड़ा। इस मामले का खुलासा तब हुआ तब शनिवार को जागरण की टीम सेंटर पर पड़ताल करने पहुंची। पीड़ित परिवार के मुखिया ने ग्राम प्रधान से उसे गांव में या पंतनगर क्वारंटाइन सेंटर भेजने की मांग की है। 

हरियाणा से लौटा है परिवार 

रामकोट नंबर छह में विलेज क्वारंटाइन सेंटर बनाया गया है। 21 मई को रेवाड़ी हरियाणा से चार प्रवासी हरजिंदर सिंह, पत्नी जसविंदर कौर, भाई सुखविंदर सिंह, आठ साल की बच्ची प्रीत कौर पहुंची। प्रशासन ने इन्हें ग्राम रामकोट में बने विलेज सेंटर में भेज दिया। हरजिंदर सिंह ने बताया कि वह रेवाड़ी में काम के लिए गए थे। लॉकडाउन के कारण रोजी-रोजगार चले जाने से दिक्कतें बढ़ गईं। किसी तरह से यहां पहुंचे। उन्होंने बताया कि रामकोट से करीब तीन किलोमीटर दूर नारायणपुर में हमारी बुजुर्ग मां रहती है। बुजुर्ग होने के कारण वह इतनी दूर पैदल नहीं चल सकती तो खाना कैसे लाएगी।

आठ साल की बच्ची कैसे सोएगी भूखे 

हमने अपनी परेशानी ग्राम प्रधान को बताई और उनसे गैस सिलेंडर और चूल्हा देने को कहा जिससे हम लोगों को दो वक्त की रोटी मिल सके। ग्राम प्रधान ने सिलेंडर की बजाय कुछ लकडिय़ां, राशन और पांच सौ रुपये दिए। हवा तेज होने के कारण आग नहीं जल सकी और हम लोगों को भूखा ही सोना पड़ा। उन्होंने कहा कि हम लोग तो किसी तरह से एक टाइम रह भी लेंगे लेकिन आठ साल की बच्ची कैसे रहेगी। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि उन्हें गांव में ही क्वारंटाइन कर दिया जाए या पंतनगर भेज दिया जाए। 

जानिए क्या कहते हैं ग्राम प्रधान और बीडियो 

ग्राम प्रधान बलजीत कौर बताया कि पीड़ित परिजनों अपनी परेशानी बताई थी। इसके बाद उन्हें पांच सौ रुपये और राशन दिया गया। उनकी परेशानी को देखते हुए गांव के लोग भी उन्हें खाना दे आते हैं।  बीडीओ एलडी जोशी का कहना है कि खाना और विस्तर परिवार वालों को ही देना है। खाना नहीं पहुंच रहा है तो इसका इंतजाम किया जाएगा। ताकि परिवार को कोई दिक्कत न हो। 

बाहर का खाना ऑर्डर करने से डर रहे लोग, रेस्‍टोरेंट में भी महज कन्फेक्शनरी आइटम मांग रहे 

नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने पौड़ी के ग्राम प्रधान की जनसेवा को राज्‍य के लिए मिसाल बताया 

Posted By: Skand Shukla

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस