संवाद सहयोगी, बाजपुर : बाजपुर में जानी-मानी कंपनियों के लेबल लगाकर मिलावटी माल की बिक्री के मामले एक के बाद एक सामने आ रहे हैं। दो दिन पहले खराब सीमेंट की फैक्ट्री पकड़े जाने के बाद अब एक मोबिल आॅयल की दुकान पर विभिन्न ऑयल कंपनी के नाम पर मिलावटी माल (मोबिल ऑयल) की बिक्री का ताजा मामला सामने आया है।

पुलिस के पहुंचते ही दुकानदार हुआ फरार

कैस्ट्रोल कंपनी के अधिकारियों की शिकायत पर पुलिस ने छापेमारी की तो मौके से काफी मात्रा में मोबिल ऑयल के रैपर, खाली डिब्बे, मोबिल से भरे ड्रम, मोबिल ऑयल को डिब्बों में भरने वाली मशीन इत्यादि बरामद हुई हैं। पुलिस ने माल कब्जे में लेकर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। कंपनी की ओर से आरोपित दुकानदार के विरुद्ध तहरीर दी गई है। वहीं पुलिस के दबिश देने से पहले ही आरोपित दुकानदार मौके से फरार होने में सफल रहा।

शिकायत पर कंपनी ने कराई थी जांच

मामला ग्राम पंचायत मुड़िया पिस्तौर के अंतर्गत बाजपुर-दोराहा के मध्य मुख्यमार्ग का है। यहां रिलायंस पेट्रोल पंप के नजदीक मुड़िया पिस्तौर निवासी शाकिर पुत्र कादिर ने मोबिल ऑयल की दुकान खोल रखी है। कुछ समय पहले कैस्ट्रोल कंपनी के अधिकारियों को जानकारी मिली कि उनकी कंपनी के रैपर इत्यादि डिब्बों पर चिपकाकर शाकिर मिलावटी मोबिल ऑयल बाजार में बेच रहा है। कंपनी ने जब अपने स्तर से इसकी जांच करवाई बात सही निकली जिसके चलते पुलिस से मामले की लिखित शिकायत की गई।

ये सामान हुए बरामद

शुक्रवार को एसएसअाई विक्रम सिंह धामी, दोराहा चौकी प्रभारी देवेंद्र सिंह राजपूत मय फोर्स के कंपनी के अधिकारियों को साथ लेकर मौके पर पहुंच गए, लेकिन पुलिस के पहुंचते ही आरोपित दुकानदार वहां से फरार हो गया। पुलिस ने मौके से काफी मात्रा में कैस्ट्रोल कंपनी के नाम पर छपे रैपर (लेबल), प्लास्टिक के खाली डिब्बे, मोबिल से भरे ड्रम तथा छोटे डिब्बों में माल भरने के लिए प्रयोग में आने वाली मशीन आदि को बरामद कर कब्जे में ले लिया है।

कंपनी को मिली थी शिकायत

कैस्ट्रोल इंडियन ऑयल दिल्ली के इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर विनोद तिवारी ने बताया कि पिछले कई माह से बाजपुर क्षेत्र में उनकी कंपनी के नाम पर रैपर तैयार कर माल बेचने का शिकायत मिल रही थी, लेकिन काफी प्रयासों के बावजूद दुकान की तस्दीक नहीं हो पा रही थी। अब आकर इस दुकान के बारे में जानकारी मिल पाई है। कंपनी की ओर से जरूरी लिखा-पड़ी कर तहरीर देने की कार्रवाई की जा रही है।

80 रुपये का माल बेचते थे 400 रुपये में

बताया जाता है कि एक अर्से से यह कारोबार फल-फूल रहा था, जिसमें मैकेनिकों के माध्यम से दूरस्त क्षेत्रों की दुकानों अथवा मैकेनिकों द्वारा इस ऑयल को खपाया जाता रहा है। इस ऑयल की वास्तविक कीमत 80 से 100 रुपये के बीच में होती है, जिसे बाजार में दो सौ से लेकर चार सौ रुपये तक ब्रांड के हिसाब से बेचा जाता है।

अब तक पकड़े गए फर्जीवाड़े के ये मामले

  • बाजपुर क्षेत्र में दो दिन पहले ही जहां खराब सीमेंट की फैक्ट्री पकड़े जाने का मामला सुर्खियों में था।
  • एक दिन पहले आईडिया, वोडाफोन कंपनी के सिम कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर जारी करने का मामला भी दर्ज हुआ है।
  • इससे पहले फर्जी शैक्षिक प्रमाणपत्रों के आधार पर पीआरडी जवान बनने का मामला सामने आया, जिसमें पुलिस ने दोनों के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया है।

Edited By: Rajesh Verma