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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 11, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पूर्व सीएम हरीश रावत ने बचपन की यादों को ताजा किया, फेसबुक पर शेयर किया रोचक किस्‍सा

By Skand ShuklaEdited By:
Published: Wed, 11 Aug 2021 09:43 AM (IST)

अक्सर फेसबुक के माध्यम से विरोधियों पर तंज कसने के साथ अच्छे काम पर पीठ भी थपथपाने वाले पूर्व सीएम ...और पढ़ें

पूर्व सीएम हरीश रावत ने बचपन की यादों को ताजा किया, फेसबुक पर शेयर किया रोचक किस्‍सा
पूर्व सीएम हरीश रावत ने बचपन की यादों को ताजा किया, फेसबुक पर शेयर किया रोचक किस्‍सा

जागरण संवाददाता, हल्द्वानी : अक्सर फेसबुक के माध्यम से विरोधियों पर तंज कसने के साथ अच्छे काम पर पीठ भी थपथपाने वाले पूर्व सीएम हरीश रावत अब बचपन की यादों को साझा करने में लगे हैं। पहाड़ के किस्सों की बात करते हुए उन्होंने कहा कि पांच-साल की उम्र में जब किसी बात को लेकर डांट पड़ी तो नाराज होकर पिरूल के ढेर में छिप गया। अक्सर मैं भागकर पास स्थित नैनिहाल चला जाता था। इसलिए घरवालों ने वहां आवाज लगाई। मगर जवाब मिला कि हरीश यहां नहीं आया।

इस बीच पिरूल के ढेर के बाहर बड़ी बिल्ली आकर बैठ गई। उसके शरीर की धारियां देख मुझे लगा कि बाघ आ गया। जिस पर मैंने अंदर से अपनी चाची जो कि गोठ (गौशाला) में गाय-भैंसों को चारा देने आई आयी थी उसे आवाज लगाते हुए कहा कि 'काकी मैं यां छौं'। तब चाची ने सबसे कह दिया कि हरीश तो यहां छिपा है। इसके बाद मैं पकड़ में आ गया। और सभी को परेशान करने की वजह से मेरी बहुत पिटाई भी हुई।

पूर्व सीएम हरीश रावत इंटरनेट मीडिया पर खासे सक्रिय रहते हैं। सियासी व सामाजिक कार्यक्रमों को अपडेट करने के साथ वह पहाड़ व पर्वतीय उत्पादों को लेकर इन प्लेटफार्म के माध्यम से अक्सर लोगों से संवाद करते हैं। अपने कार्यकाल में शुरू की गई योजनाओं को बंद करने को लेकर वह सरकार को घेरने से नहीं चूकते। इसके अलावा अक्सर भाजपा व कांगे्रस सरकार के कार्यकाल की तुलना भी करते हैं। अब पिरूल व बिल्ली के किस्से संग उन्होंने बचपन की यादों को सांझा करना शुरू कर दिया है। हरदा ने फेसबुक पर लिखा कि बिल्ली की धारियां देख जब उन्हें लगा कि बाहर बाघ बैठा है तो एक बार के लिए सांस तक धीरे हो गई थी। डर था कि कहीं वो मुझ पर झपट न पड़े। इसलिए मैं बाहर निकलने की कोशिश में जुटा था। और चाची को देख मुझे मौका मिला गया।