संवाद सहयोगी, कालाढूंगी : Elephant wrath in Nainital : कुछ दिनों से कालाढूंगी में हाथियों ने उत्पात मचा रखा है। गुरुवार रात्रि कालाढूंगी वार्ड नंबर एक से सटे जंगल में श्रीश्री 108 रोखड़िया मंदिर में हाथियों ने पुजारी की कुटिया तहस-नहस कर डाली। अंदर रखा टीवी, फ्रिज समेत अन्य सामान भी बर्बाद कर दिया।

18 हाथी शामिल हैं झुंड में

घटना के समय पुजारी कुटिया में नहीं थे। पुजारी त्रिलोक सिंह मेहरा, दलीप नेगी, रवि चौधरी, पूरन जोशी, गोपाल सिंह बिष्ट, सीएस कांडपाल ने मुआवजे की मांग की है। उन्होंने बताया कि करीब 18 की संख्या वाला हाथियों का यह झुंड गांव के कई घरों में तोड़फोड़ कर चुका है। नयागांव स्थित कार्बेट वाटर फाल के मुख्य द्वार को भी नुकसान पहुंचाया है। झुंड हर साल गर्मी के मौसम में पानी के लिए कालाढूंगी क्षेत्र में आ जाता है। बरसात शुरू होते ही लौट जाता है मगर इस बार अभी तक यही है। ऐसे में जंगल से सटे गांवों में खतरा बना हुआ है। हाथियों के हाईवे पार करने के दौरान आए दिन जाम लगना भी आम हो गया है।

यहां हाथी कॉरीडोर भी

कालाढूंगी वन क्षेत्राधिकारी ख्याली राम आर्या ने बताया कि यहां हाथी काॅरीडोर (elephant corridor) है। आबादी के आसपास और हाईवे पर हाथियों के आने की सूचना मिलते ही वन कर्मी मौके पर पहुंचकर उनको भगाने का प्रयास करते हैं।

लालकुआं में हाथियों ने रौंद डाली फसल

इधर, लालकुआं में बरेली रोड के जंगल से सटे गांवों में हाथियों का उत्पात बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को दमपुर देवलिया के ग्राम प्रधान रमेश चंद्र जोशी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने विधायक डा. मोहन सिंह बिष्ट के आवास पर जाकर ज्ञापन सौंपा। बताया कि हफ्ते भर से हाथी खेतों में फसल रौंद रहे हैं। ग्रामीणों ने नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग की। वन विभाग के अधिकारी सूचना देने के बाद भी संज्ञान नहीं ले रहे हैं। विधायक ने कंजरवेटर दीप आर्य को दूरभाष पर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। ज्ञापन देने वालों में मुरलीधर भट्ट, आनंद बल्लभ भट्ट, महेश चंद्र भट्ट, ज्वाला दत्त पांडे, चंद्रशेखर दुर्गापाल, अनिल दुर्गापाल आदि थे।

Edited By: Rajesh Verma

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