नैनीताल, (जेएनएन) : लंबे समय से लकड़ी तस्करी के गढ़ बने इस क्षेत्र में मंगलवार को तस्करों ने बड़ी वारदात को अंजाम देने का दुस्साहस कर डाला। नानकमत्ता के एक गांव में बड़ी मात्रा में खैर की लकड़ी की तस्करी होने की सूचना पर वन विभाग की टीम ने छापा मारा और लकड़ी को भी बरामद कर लिया, पकड़ी गई लकड़ी को जब्त करने की वन कर्मी कार्यवाही कर ही रहे थे कि तस्कर के परिजन ने कर्मचारियों पर पेट्रोल डाल दिया और आग लगी। जिसमें तीन वनकर्मी बुरी तरह झुलस गए। वनकर्मियों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी है, देर रात तक मुकदमा दर्ज नहीं हो सका था। इधर, घटना से वन महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।

वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक घटना मंगलवार की रात करीब आठ से नौ बजे के बीच रतन साली वन क्षेत्र के गांव ध्यानपुर की है। जहां से लंबे समय से खैर की लकड़ी की तस्करी होने की सूचना विभाग को मिल रही थी। लेकिन मंगलवार को जैसे ही तस्करी की पुख्ता सूचना उप वन क्षेत्राधिकारी धीरेंद्र पंत को मिली कि रेंजर बी. जोशी ने उच्चाधिकारियों को विश्वास में लेते हुए अपनी टीम के साथ सरोजा बीट के ध्यानपुर गांव में लकड़ी तस्कर लखविंदर सिंह के घर पर छापा मार दिया। टीम ने घर के पास खड़े एक वाहन में खैर की लकड़ी को बरामद भी कर लिया, जिसमें लादकर उसे भेजने की तैयारी की गई थी। वाहन में लकड़ी को ढक रखा था। वन विभाग की टीम का छापा पड़ते ही कुछ लोग मौके से फरार हो गए, वनकर्मियों ने वाहन को चेक किया और उसमें लदी लकड़ी को कब्जे में लेने की तैयारी शुरू कर दी। कर्मचारी वाहन में लकड़ी के लट्ठों को गिनकर जब्त करने की कार्रवाई कर ही रहे थे कि इसी बीच लखविंदर की पत्‍‌नी ने घर से एक बोतल पेट्रोल लाकर वन कर्मियों पर फेंक दिया और आग लगा दी। कर्मचारी जब तक वाहन से कूदकर भाग पाते कि लकड़ी ने आग पकड़ ली। जिसमें तीन वनकर्मी गणेश पाडे, विनोद मेहता, गुरमीत सिंह झुलस गए। इसी बीच मौका पाते ही लकड़ी तस्कर लखविंदर मौके से भाग निकला। उधर, वनकर्मियों पर हमले की सूचना मिलते ही विभाग के अन्य कर्मचारी मौके पर रवाना हो गए और घायल कर्मचारियों को लेकर कार्यालय लेकर पहुंचे। एसडीओ ने बताया कि पुलिस को घटना की जानकारी दे दी गई है। वहीं, नानकमत्ता थानाध्यक्ष डीआर वर्मा ने बताया कि अभी उन्हें इस तरह की कोई तहरीर नहीं मिली है।

Posted By: Jagran