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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 22, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पांच साल बाद फिर निकली द्रोणसागर की फाइल, संवरने की जगी उम्मीद

By Prashant MishraEdited By:
Published: Thu, 22 Apr 2021 03:28 PM (IST)Updated: Thu, 22 Apr 2021 09:42 PM (IST)

Jagran Special गुरु द्रोणाचार्य की महिमा और शिष्यों की कर्मभूमि का इतिहास समेटे द्रोणसागर को बेहतरीन पर्यटक स्थल के रूप ...और पढ़ें

द्रोण सागर राज्य सरकार की 13 डिस्ट्रिक्ट-13 डेस्टिनेशन योजना में शामिल है।
द्रोण सागर राज्य सरकार की 13 डिस्ट्रिक्ट-13 डेस्टिनेशन योजना में शामिल है।

अभय पांडेय, काशीपुर (ऊधमसिंह नगर) :  वर्ष 2016...उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले में के द्रोण सागर के पौराणिक महत्व को देखते हुए महाभारत सर्किट के तहत इसे विकसित करने की बात कही गई थी। बड़ी-बड़ी योजनाओं के साथ पर्यटकों को लुभाने की बात भी कही गई थी। पर पांच साल में योजना धरातल पर नहीं आ पाई। वर्ष 2021 में एक बार फिर योजना कागजों से बाहर आई है। उम्मीद है कि इस बार यह योजना आकार लेगी।

गुरु द्रोणाचार्य की महिमा और शिष्यों की कर्मभूमि का इतिहास समेटे द्रोणसागर को बेहतरीन पर्यटक स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। पुरातत्विक महत्व के अवशेषों से समृद्ध किलेनुमा इमारत को पुरातत्वविदों की टीम संवारेगी। सरकार के 13 डिस्ट्रिक्ट-13 डेस्टिनेशन योजना में शामिल द्रोणसागर को नया स्वरूप देने के लिए कुमाऊं मंडल विकास निगम (केएमवीएन) ने खाका तैयार कर लिया है। सरकार इसके लिए 47 करोड़ का बजट देगी।  

 काशीपुर की पहचान को समृद्ध करने वाले द्रोणसागर का निर्माण पांडवों ने अपने गुरु द्रोणाचार्य के लिए करवाया था। यहां एक प्राचीन किला है जिसके किनारे द्रोण सरोवर भी बना है। इस वर्गाकार सरोवर का क्षेत्रफल 600 वर्ग फीट है। यहां पूर्व में गंगोत्री की यात्रा करने वाले वाले श्रद्धालु भी आते थे।

अक्षरधाम की तर्ज पर किया जाएगा विकसित

द्रोण सागर आने वाले पर्यटकों को केवीएमएन इसके इतिहास से रूबरू कराएगा। ओपन थिएटर के साथ ही दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर की तर्ज पर म्यूजिकल फाउंटेन भी लगेगा। इसमें गोविषाण टीले से मिले पुरातत्विक महत्व के सिक्के और अन्य सामान के लिए म्यूजियम भी तैयार होगा। परिसर में महाभारत काल की घटनाओं का चित्रण लेजर शो के जरिये होगा। द्रोणसागर के चारों तरफ पर्यटकों के टहलने के लिए ट्रैक तैयार किया जाएगा।

ज्वाइंट मजिस्ट्रेट काशीपुर गौरव सिंघल ने बताया कि द्रोण सागर राज्य सरकार की 13 डिस्ट्रिक्ट-13 डेस्टिनेशन योजना में शामिल है। इसके विकास के लिए प्रारूप तैयार कर लिया गया है। जल्द इस पर कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

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