जागरण संवाददाता, चम्पावत : जल जीवन मिशन के कार्यों की प्रगति अपेक्षा के अनुरूप न होने पर जिलाधिकारी ने विनीत तोमर ने नाराजगी जताई है। बुधवार को समीक्षा बैठक में उन्होंने जल संस्थान तथा जल जीवन मिशन के अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।

 उन्होंने कहा कि हर घर जल पहुंचाने की इस महत्वपूर्ण योजना के कार्य की धीमी प्रगति काफी चिंताजनक है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन योजनाओं पर कार्य होना है उनकी तीन दिन में वास्तविक डीपीआर बनाएं। उन्होंने अधिकारियों को डीपीआर का भौतिक सत्यापन स्वयं फील्ड में जाकर करने के निर्देश दिए। स्वीकृत हो चुकी डीपीआर पर कार्य में तेजी लाने और जहां जलापूर्ति सुचारू ढंग से संचालित है वहां पर गैर जरूरी व्यय से बचने की सलाह दी। उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि योजना उन्हीं क्षेत्रों के लिए बनाई जाए जहां वास्तव में पेयजल का संकट है। जिलाधिकारी ने हिदायत दी कि योजना के क्रियान्वयन में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संबंधित अधिकारियों ने योजना के क्रियान्वयन में आ रही दिक्कतों और उनसे निपटने के लिए की जा रही तैयारियों की जानकारी दी। कहा कि योजना में उन्हीं स्थानों को प्राथमिकता दी जा रही है जहां पेयजल का गंभीर संकट है। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, डीपीआरओ सुरेश बैनी, जल संस्थान के ईई बिलाल यूनूस, जल निगम के  ईई वीके पाल, जल संस्थान केएई पवन बिष्ट समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

Edited By: Prashant Mishra