नैनीताल, जागरण संवाददता : नोएडा के पर्यटक की प्रेमी द्वारा नैनीताल के होटल में हत्या मामले की तफ्तीश में पुलिस जुटी हुई है। स्‍वजनों ने इसे लव जिहाद बताया है। मृतका के भाई अंकुर मिश्रा का कहना है हत्‍यारोपित प्रेमी ने उसे हर मुलाकात में अपना नाम इमरान की बजाए ऋषभ तिवारी ही बताया था। अंकुर ने बताया कि उनकी बड़ी बहन दीक्षा बचपन से ही बेहद होशियार थी। पिता की निधन के बाद वही पूरे घर को संभाला करती थी। वह रियल एस्टेट कंपनी में अच्छे पद पर तैनात थी। जबकि इमरान कबाड़ी का काम करता था।

मोबाइल और कागजात ले गया साथ

दीक्षा की हत्या को अंजाम देने के बाद आरोपित ऋषभ तिवारी उर्फ इमरान मृतका दीक्षा मिश्रा का मोबाइल भी साथ ले गया। दीक्षा के दोस्तों ने बताया कि सोमवार सुबह जब आरोपित नोएडा पहुंचा तो वहां उसने दीक्षा की बेटी को फोन कर दीक्षा के फोन का पासवर्ड भी पूछा। जिसके बाद वह उसके फ्लैट से जरूरी कागजात लेकर फिर से फरार हो गया।

दो साल ही चल पाई पहली शादी, अभी नहीं हुआ है तलाक

मृतका के भाई अंकुर मिश्रा ने बताया कि 2008 में दीक्षा का विवाह खुरजा निवासी पवन शर्मा के साथ हुआ था। अक्सर पति द्वारा शराब पीकर मारपीट करने के कारण दो साल बाद ही दीक्षा पति से अलग रहने लगी। इसी दौरान उसकी मुलाकात ऋषभ तिवारी उर्फ इमरान से हुई थी। बेटी को भी भी दीक्षा के साथ ही रहती है। बताया कि फिलहाल दोनों का तलाक नहीं हुआ है। मामला कोर्ट में लंबित है।

दो महीने पहले ही खरीदा था फ्लैट और वाहन

दोस्त सीमा शर्मा ने बताया कि दीक्षा मिश्रा ने दो महीने पहले ही गौतमबुद्धनगर क्षेत्र में अपना नया फ्लैट खरीदा था। साथ ही कुछ समय पहले ही उसने एक नई स्विफ्ट गाड़ी भी खरीदी थी। गाड़ी का नंबर नहीं आने के कारण वह कार्यालय में तैनात किसी एक दोस्त की कार लेकर नैनीताल पहुंची थी। बताया कि आरोपित ऋषभ उसी वाहन को लेकर फरार है।

घंटों बिलखते रहे मां और दोस्त

नैनीताल पहुंचे मृतका के परिजन और दोस्त पंचनामा के बाद मोर्चरी में शव पहुंचने का इंतजार कर रहे थे। शव के पहुंचते ही मृतका की मां, भाई और साथ में पहुंचे दोस्त फूट-फूट कर रोने लगे। इस बीच उसके परिजन घंटों बिलखते रहे।

चिकित्सकों और पुलिस की दिखी संवेदनहीनता

मंगलवार सुबह पंचनामा करने के बाद सुबह 10:30 बजे मृतका के परिजन मोर्चरी पहुंच गए। मगर लंबे इंतजार के बाद भी ना तो मोर्चरी में शव पहुंचा और ना ही चिकित्सक। करीब 11:30 बजे दो पुलिसकर्मी शव लेकर मोर्चरी पहुंचे। जहां परिजनों की मदद से सड़क से शव को मोर्चरी तक लाया गया। शव के पहुंचने के बाद मृतका की मां बेहद ही बिलखने लगी। वही साथ पहुंचे अन्य परिजन गुहार लगाने लगे कि जल्द ही पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी कर दी जाए, जिससे बहुत जल्दी वापस जा सके। मगर मोर्चरी की चाबी पुलिसकर्मियों के पास नहीं होने के कारण फिर लंबा इंतजार करना पड़ा। करीब सवा बारह बजे जब चाबी पहुंची तो पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू हो पाई।

Edited By: Skand Shukla