जागरण संवाददाता, हल्द्वानी : Dialysis in Haldwani Base Hospital: बेस अस्पताल में डायलिसिस कराने वाले मरीज व उनके स्वजनों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। बार-बार यानी कि दो साल में आठवीं बार सेंटर के बाहर नोटिस चस्पा होने से धड़कनें बढ़ गई हैं।

नोटिस में 15 अक्टूबर की तारीख

नोटिस में लिखा है, भुगतान नहीं होने पर 15 अक्टूबर के बाद आयुष्मान कार्ड धारक मरीजों की डायलिसिस बंद कर दी जाएगी। इस कदर अव्यवस्था से त्रस्त मरीज स्वास्थ्य अधिकारियों को फोन कर कहते हैं कि अगर हम मर जाएंगे तो आप जिम्मेदार होंगे। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों की नींद नहीं खुल रही।

पीपीपी मोड पर चल रहा डायलिसिस सेंटर

बेस अस्पताल में पीपीपी मोड में नेफ्रो केयर की ओर से डायलिसिस सेंटर स्थापित है। इस सेंटर में हल्द्वानी के अलावा लालकुआं, कालाढूंगी, किच्छा, सितारंगज से लेकर दूर-दूर से मरीज डायलिसिस कराने पहुंचते हैं। इसमें ऐसे मरीज भी हैं, जिनकी आय का कोई सहारा नहीं है। इसमें नैनीताल रोड के मुकेश मेहता भी हैं। ये मरीज और इनके स्वजन अधिकारियों से अपनी व्यथा बताते हुए यह भी कह रहे हैं कि अगर हमारे मरीज को कुछ हो गया तो इसके लिए विभागीय अधिकारी ही जिम्मेदार होंगे।

यह है स्थिति

  • 8वीं बार चस्पा कर दिया है नोटिस
  • 5 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है उधार
  • 2 हजार मरीजों का प्रतिमाह होता है डायलिसिस
  • 15 अक्टूबर तक का फिर दिया है नोटिस

पीएमएस छुट्टी से लौटें तो जारी हो बजट

बताया जा रहा है कि बेस अस्पताल की पीएमएस डा. सविता ह्यांकी छुट्टी पर गई हैं। ऐसे में बजट डाललिसिस कराने वाली कंपनी को नहीं मिल पा रहा है। जब आएंगी, तभी बजट जारी हो पाएगा।

बजट को लेकर मेरी लगातार उच्चाधिकारियों से बात हो रही है। 2.6 करोड़ रुपये बजट तो आया है। जल्द ही मिल जाएगा। इसके लिए प्रयास चल रहे हैं।

-डा. भागीरथी जोशी, सीएमओ

Edited By: Rajesh Verma

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