टीम जागरण, रानीखेत/द्वाराहाट : सरकार की वादाखिलाफी पर फ्रंटलाइन कोरोना योद्धा आशा कार्यकर्ताओं का धैर्य फिर जवाब दे गया। उपमंडल मुख्यालय के साथ ही द्वाराहाट में कार्यकर्ता सरकार के खिलाफ सड़क पर उतर आईं। प्रदर्शन कर आशाओं के शोषण व समझौते से मुकरने का आरोप लगाया। साफ कहा कि जब तक मानदेय, राज्य कर्मी का दर्जा व कोरोनाकाल का भत्ता आदि नहीं दे दिया जाता वह चुप नहीं बैठेंगी। 

आशा हेल्थ वर्कर यूनियन के बैनर तले शुक्रवार को जिला उपाध्यक्ष मीना आर्या की अगुआई में जुलूस निकाल आशाओं ने प्रदर्शन किया। सभा में कार्यकर्ताओं ने रोष जताया कि बेमियादी आंदोलन को तोडऩे के लिए सीएम पुष्कर सिंह धामी ने सकारात्मक कदम उठाने का भरोसा तो दिला दिया। मगर आशाओं के हित में अब तक ठोस निर्णय नहीं लिया जा सका है। उन्होंने इसे छलावा करार दे पुन: आंदोलन का ऐलान किया। इस दौरान ब्लॉक अध्यक्ष कमला जोशी, भावना बिष्ट, जया जोशी, शोभा पंत, कुसुम लता जोशी, शोभा पंत, प्रेमा सुयाल, हीरा देवी, लीला बेलवाल, उमा देवी, मंजू नेगी, मीना बिष्ट, रेनू जीना, दीपा पपनै, गीता देवी, कविता मेहरा मौजूद रहीं। 

प्रोत्साहन के बजाय उपेक्षा कर रही सरकार 

द्वाराहाट : यहां आशाओं ने जुलूस निकाल प्रदर्शन किया। कहा कि कोरोनाकाल में जान जोखिम में डाल सेवा दी। मगर सरकार उपेक्षा पर आमादा है। उन्होंने आशाओं समेत सभी स्कीम वर्कर्स को समान वेतन व कोविड का निश्शुल्क टीकाकरण की सुविधा, मानदेय आदि मांगें दोहराईं। बाद में तहसील प्रशासन के जरिये पीएम को ज्ञापन भेजा गया। प्रदर्शन में ब्लॉक अध्यक्ष ललिता मठपाल, दीपा भरड़ा, रमा बिष्ट, उमा पंत, मीना देवी, हेमा बिष्ट, पार्वती देवी, विमला आर्या, जानकी देवी, रेखा बोरा, उषा चौधरी, गीता वर्मा, चंपा रावत आदि शामिल रहीं।

Edited By: Prashant Mishra