हल्द्वानी, जेएनएन : नगर निगम की कार्यकारिणी समिति गठित होने के एक दिन बाद ही विवाद के घेरे में आ गई है। विपक्षी पार्षदों ने सत्तापक्ष के दबाव में समिति गठित करने का आरोप लगाते हुए उसे भंग करने की मांग उठाई है। बुधवार को नगर आयुक्त सीएस मर्तोलिया को ज्ञापन सौंपते हुए पार्षदों ने कहा कि कार्यकारिणी गठन से पहले विपक्ष को विश्वास में नहीं लिया गया। यह लोकतांत्रित व्यवस्था का अपमान है।

नेता प्रतिपक्ष नरेंद्रजीत सिंह रोडू के नेतृत्व में पहुंचे पार्षदों ने कहा कि मेयर व निगम प्रशासन मनमानी पर उतर आए हैं। 18 जून को संपन्न बोर्ड बैठक में कार्यकारिणी समिति गठन के लिए मेयर डाॅ. जोगेंद्र रौतेला को अधिकृत किया गया था। जो समिति गठित की गई है व आपसी सहमति के विरूद्ध है। समिति गठन के मामले में नेता प्रतिपक्ष से कोई चर्चा तक नहीं की गई। कार्यकारिणी समिति को तत्काल भंग कर सर्वसम्मति से नई कार्यकारिणी नहीं बनाई जाती तो वह उसके विरोध में आंदोलन को बाध्य होंगे। ज्ञापन सौंपने वालों में राजेंद्र जीना, धर्मवीर डेविड, हेमंत कुमार शर्मा, विनोद दानी, गीता बल्यूटिया, कुबरा बेगम, ज्योति पांडे, रवि जोशी, मो. गुफरान, नीमा भट्ट, शकील अंसारी, अनुराधा नेगी, दीपा बिष्ट, महेश चंद्र आदि शामिल रहे।

 

क्या कहता है निगम एक्ट

साठ वार्ड संख्या वाले नगर निगम में अधिकतम 20 प्रतिशत (12 सदस्यों) पार्षदों को कार्यकारिणी समिति में शामिल करना होता है। निगम एक्ट के मुताबिक सभी को नेतृत्व का मौका मिले, इसके लिए सदस्यों को बदले जाने का प्रावधान है। प्रत्येक वर्ष कम से कम छह सदस्यों को बदला जाना होता है। इसके पीछे पुराने अनुभव व नए सदस्यों को प्रतिनिधित्व देने का संतुलन साधने की तरह देखा जाता है।

 

ये हैं कार्यकारिणी में शामिल

धीरेंद्र रावत, नरेंद्रजीत सिंह, राजेंद्र कुमार, प्रमोद तोलिया, लईक कुरैशी, धीरज पांडे, चंद्रप्रकाश, अनुराधा नेगी, अंजू जोशी, राजेंद्र नेगी, शाकिर हुसैन, हेमंत शर्मा।

भारतीय सीमा पर 89 नई बीओपी चौकी खोलेगा नेपाल, 10 हजार जवानों से बढ़ाएगा चौकसी  

चारधाम देवस्थानम बोर्ड के खिलाफ हाईकोर्ट में दायर स्‍वामी की याचिका पर सुनवाई जारी 


 

Posted By: Skand Shukla

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस