जागरण संवाददाता, लोहाघाट (चम्पावत) : कांग्रेस पार्टी  कार्यकर्ताओं ने बुधवार को पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी को ज्ञापन भेजकर भाजपा से निष्कासित डा. हरक सिंह रावत को कांग्रेस में शामिल न करने की मांग की। कार्यकर्ताओं ने कहा कि बीते दिनों भाजपा से निष्कासित काबिना मंत्री हरक सिंह रावत जो कांग्रेस पार्टी में शामिल होने का अपना बयान मीडिया के माध्यम से दिए जा रहे है।

लोगों का कहना है कि 2016 में कांग्रेस पार्टी के साथ उन्होंने विश्वास घात किया, लोकतंत्र की हत्या की। और उसके साथ-साथ जन कल्याण में लगी कांग्रेस सरकार को अल्पमत में लाने का जो षडयंत्र रचा गया जिसका पूरा दोष हरक सिंह रावत को जाता है। पर्वतीय क्षेत्र की जनभावनाओं इस प्रकार के दलबदलू किसी भी पार्टी में आस्था न होने के साथ असरवादी भूमिका निभाने के कारण यह अपनी लोकप्रियता को खत्म कर चुके है। आज उतराखंड की जनता इस प्रकार के जन प्रतिनिधियों को किसी हालत में  स्वीकार करने के लिए तैयार नही है। कार्यकर्ताओं ने पार्टी के भविष्य को देखते हुए और जन भावनाओं का सम्मान कर हरक सिंह रावत को पार्टी में शामिल न करने की मांग की। इस दौरान ज्ञापन भेजने वाले में पूर्व कार्यकारी कांग्रेस जिलाध्यक्ष ओंकार सिंह धौनी, भुवन चौबे, शैलेंद्र राय, अमित शाह, प्रदीप देव, नितिन महारा, चांद सिंह बोहरा, राजपाल सामंत, अनिल पांडेय, प्रवीन भट्ट, डा. महेश ढेक, संतोक सिंह रावत, दिनेश सिंह, पुष्कर सिंह, अनिल पुनेठा आदि मौजूद रहे।

दूसरे दिन भी जारी रहा ईवीएम का प्रशिक्षण

पीठासीन अधिकारी और मतदान अधिकारी प्रथम का सैद्धान्तिक और व्यवहारिक प्रशिक्षण बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। मास्टर ट्रेनर्स ने ईवीएम तथा विभिन्न प्रपत्रों और निर्वाचन के दौरान प्रयोग में लाई जाने वाली सामग्री की जानकारी दी। मुख्य विकास अधिकारी एवं नोडल अधिकारी राजेन्द्र सिंह रावत ने बताया कि मतदान के दिन वास्तविक मतदान से पूर्व अभिकर्ताओं की उपस्थिति मे अनिवार्य रूप से मॉकपोल कराया जाएगा। प्रशिक्षण में मतदान कार्मिको को अपने मताधिकार का प्रयोग करने हेतु पोस्टल बैलट की जानकारी भी दी गई। इस दौरान 80 वर्ष से अधिक उम्र, दिव्यांग मतदाता तथा कोविड से प्रभावित मतदाता को पोस्टल बैलट से मतदान कराने की प्रक्रिया से भी अवगत कराया गया।

बताया गया कि प्रत्येक मतदान दल में दो मतदान अधिकारी, माइक्रो आब्जर्वर और सुरक्षा अधिकारी रहेंगे। निर्वाचन की गोपनीयता बनाए रखने के लिए सम्पूर्ण मतदान प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी। पोस्टल बैलट की सुविधा लेने वाले मतदाता के पहली बार घर में नहीं मिलने पर दुबारा सूचना देकर मतदान दल उनके घर जाएगा। यदि दूसरी बार भी मतदाता नहीं मिलता है तो उस परिस्थिति में आगे कोई कार्यवाही नहीं की जाएगी। प्रभारी अधिकारी एवं सहायक परियोजना निदेशक विम्मी जोशी, डीडीओ संतोष पंत, जीवन कलौनी, अशोक कुमार, एमपी जोशी, अनिल रौतेला ने प्रशिक्षण प्रदान किया। प्रस्तुतिकरण में कम्प्यूटर ऑपरेटर मनोज बिष्ट ने सहयोग दिया।

Edited By: Prashant Mishra