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    दिल्ली ब्लास्ट: नैनीताल में एनआईए की बड़ी कार्रवाई, कई हिरासत में

    Updated: Sat, 29 Nov 2025 07:59 PM (IST)

    दिल्ली ब्लास्ट मामले में एनआईए ने हल्द्वानी और नैनीताल से तीन मौलाना और एक इलेक्ट्रीशियन को हिरासत में लिया है। इन संदिग्धों से गुप्त स्थान पर पूछताछ जारी है। यह कार्रवाई दिल्ली ब्लास्ट के आरोपियों के नैनीताल कनेक्शन के चलते की गई है। पुलिस आतंकी फंडिंग और स्लीपर सेल की गतिविधियों की भी जांच कर रही है।

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     दिल्ली ब्लास्ट के आरोपितों के तार नैनीताल जिले से भी जुड़ रहे हैं। जागरण

    जागरण संवाददाता, हल्द्वानी। दिल्ली ब्लास्ट के आरोपितों के तार नैनीताल जिले से भी जुड़ रहे हैं। राष्ट्रीय जांच एजेंसी(एनआईए), दिल्ली पुलिस, एसटीएफ व जिले की पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए हल्द्वानी के बनभूलपुरा थाना क्षेत्र में स्थित बिलाल मस्जिद के इमाम मौलाना मो. आसिम कासमी व इलेक्ट्रीशियन नजर कमाल को हिरासत में लिया है। वहीं नैनीताल के तल्लीताल पुलिस ने बूचड़खाना स्थित मस्जिद के मौलाना मोहम्मद नईम को भी हिरासत में लिया है।

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    नैनीताल जिले में एनआईए टीम ने दिल्ली ब्लास्ट मामले में काफी महत्वपूर्ण सबूत, सुराग व साक्ष्यों के आधार पर तीन लोगों को हिरासत में उठाया है। हल्द्वानी में एजेंसी की टीम की ओर से हिरासत में लिए गए दोनों लोगों से गुप्त स्थान में पूछताछ की जा रही है। उत्तराखंड में दिल्ली ब्लास्ट के कनेक्शन के बाद कुमाऊं के पिथौरागढ़ जिले में पहले एक महिला को पुलिस ने हिरासत में लिया था। लेकिन बाद में उसे छोड़ दिया गया।

    इधर, हल्द्वानी में काफी संवेदनशील माना जाने वाले बनभूलुपरा क्षेत्र में एनआईए की टीम ने काफी सोच समझकर शनिवार की तड़के सुबह करीब ढाई बजे लाइन नंबर आठ में मस्जिद के पास ही किराए के मकान में रहने वाले मौलाना के घर में जाकर कार्रवाई की। ताकि क्षेत्र में कोई तनाव की स्थिति पैदा न हो जाए। बताया जा रहा है कि बिलाल मस्जिद के इमाम मौलाना मो. आसिम कासिमी मूल रूप से उत्तरप्रदेश रामपुर जिले के टांडा दड़ियाल का रहने वाला है। व

    हीं जवाहर नगर खिचड़ी महोल्ला निवासी इलेक्ट्रीशियन नजर कमाल यहीं परिवार के साथ रहता है। सूत्रों की मानें तो एनआईए टीम दिल्ली ब्लास्ट को लेकर कई काल डिटेल खंगाल रही थी। दिल्ली के लाल किला के पास हुए ब्लास्ट का मुख्य आरोपित डा. मुज्जमिल शकील गनई, जिस फलाह यूनिवर्सिटी में पढ़ाता और रिसर्च करता था। उसका कनेक्शन अब उत्तराखंड के नैनीताल से मिला है।

    आरोपितों की काल डिटेल के आधार पर उत्तराखंड से भी कई संदिग्ध नंबर मिले थे। इसके बाद ही यह कार्रवाई की जा रही है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद तनाव की स्थिति को देखते हुए शुक्रवार रात व शनिवार की सुबह से ही बनभूलपुरा थाना क्षेत्र में पुलिस चप्पे-चप्पे पर तैनात है। संदिग्धों से पुलिस की टीम पूछताछ करने के साथ ही उनपर नजर भी बनाए हुए है। एसएसपी मंजुनाथ टीसी का कहना है कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है। एनआईए, एसटीएफ आदि की टीम ने कार्रवाई की है। जिले में पुलिस अलर्ट मोड में है।

    आतंकी संगठनों से फंडिंग का भी हो सकता है मामला

    एनआईए, एसटीएफ व जिले की पुलिस टीम की संयुक्त कार्रवाई के बाद पुलिस के अधिकारी कुछ भी कहने से बच रहे हैं। सूत्रों की मानें तो दिल्ली ब्लास्ट के साथ ही इमाम व इलेक्ट्रशियन से आतंकी संगठनों से फंडिंग का भी मामला हो सकता है। हालांकि यह बात तो एनआईए की जांच के बाद ही साबित हो सकेगी की इमाम व इलेक्ट्रशियन को हिरासत में लेकर क्यूं पूछताछ की गई।

    बनभूलपुरा में कई ऐसे संदिग्ध जो स्लीपर सेल की तरह करते हैं काम

    बनभूलपुरा क्षेत्र में कई ऐसे संदिग्ध व्यक्ति अभी भी हैं, जो स्लीपर सेल की तरह काम करते हैं। इनकी संलिप्तता साइबर क्राइम के जरिए ठगे जाने वाले रुपयों को अपने खातों में रखनी की है। इससे पहेल दिल्ली पुलिस ने बनभूलपुरा से पांच आरोपितों को गिरफ्तार करके साइबर ठगी का भांडाफोड़ किया था। इसमें सब्जी का ठेला लगाने वाले, ड्राईवरी करने वाले लोग शामिल हैं। जिनके बैंक खातों में लाखों से करोड़ों रुपये मौजूद थे। जो तुरंत फ्राड के रुपयों को अन्य खातों में भी ट्रांसफर करने का काम करते हैं।

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