अल्मोड़ा, जागरण संवाददाता : जलसंस्थान ने संविदा श्रमिक संघ की हड़ताल चौथे दिन भी जारी रही। उन्होंने आर-पार की लड़ाई का ऐलान करते हुए कहा कि जब तक कर्मचारियों की सुरक्षा नही होती तब तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं चार दिनों से जारी हड़ताल से जल संस्‍थान की व्‍यवस्‍था चरमरा गई है।

रविवार को भी तय कार्यक्रम के अनुसार जलसंस्थान के आउटसोर्सिंग कार्मिकों ने गांधी पार्क पर धरना दिया। इस दौरान शासन-प्रशासन और विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा का सवाल है। दो दशकों से अधिक समय से कर्मी जलसंस्थान में काम कर रहे है। उन्होंने पूरी जिंदगी इसमें बिता दी है। अब वह आखिरी समय में कहां जाएंगे। इसलिए सरकार को उनकी सुरक्षा का उत्तरदायित्व लेना होगा।

आउटसोर्सिंग से हटाकर उन्हें नियमितिकरण किया जाए। न्यूनतम वेतनमान तय किया जाए। किसी प्रकार का शोषण बर्दाश्त नही किया जाएगा। आउटसोर्सिंग कार्मिक 10 से 12 घंटे कार्य कर रहे हैं। कार्मिकों को मेहनत का उचित मानदेय नही मिल रहा है। समान कार्य के लिए समान वेतन, वर्तमान में महंगाई को देखते हुए न्यूनतम मानदेय 25 हजार रुपए किया जाए है। उन्होंने उपनल के माध्यम से नियुक्ति प्रदान किए और साप्ताहिक अवकाश दिए जाने की मांग की है। जब तक उनकी मांगें पूरी नही होती वह आंदोलन जारी रखेंगे और जलापूर्ति सुचारु नही होने देंगे।

इस अवसर पर महेंद्र मेर, भोपाल सिंह, दीपक सिंह फत्र्याल, राजेश सुयाल, चंद्रशेखर पांडे, संतोष सिंह, अर्जुन सिंह, जयपाल मेहता, ललित मोहन बिष्ट, पारितोष जोशी, विक्रम सिंह, धन सिंह बिष्ट, कैलाश सिंह कनवाल, दीपक सिंह, गोविंद भोज, कुंदन कनवाल, ललित मोहन, सुशील जोशी, आन सिंह आदि मौजूद थे।

Edited By: Skand Shukla