जागरण संवाददाता, नैनीताल : हाईकोर्ट ने किसानों की फसल का भुगतान नहीं करने को गंभीरता से लिया है। कोर्ट ने कृषि सचिव को अवमानना नोटिस जारी कर तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।

गुरुवार को न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ में किसान नेता डा. गणेश उपाध्याय की अवमानना याचिका पर सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता के अनुसार उनकी जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान सरकार ने हाई कोर्ट  में हलफनामा दिया था कि किसानों को धान व गेहूं का भुगतान 48 घंटे से लेकर एक हफ्ते के अंदर कर दिया जाएगा। न्यायालय ने कृषि उपज के त्वरित भुगतान के आदेश दिए थे।

उपाध्याय के अनुसार आजकल गेहूं की तोल चल रही है। गेहूं का 80 करोड़ से लेकर 100 करोड़ रुपये के बीच भुगतान अभी तक नहीं हो पाया है। गन्ने का भुगतान विगत वर्ष और आज तक  करीब 700 करोड़ होना बाकी है। सात माह पहले खरीदे गए धान का 21 करोड़ भुगतान होना बाकी है। जबकि कोरोना काल चल रहा है। पूरा देश के अन्नदाता के बदौलत जीवित है। जब किसान किसी बैंक से किसी कार्य हेतु ऋण लेता है, तभी से ब्याज चढ़ जाता है।

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Edited By: Prashant Mishra