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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 07, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मुख्य स्थायी अधिवक्ता के खिलाफ अवमानना नोटिस पर रोक

By Raksha PanthariEdited By:
Published: Mon, 07 May 2018 07:04 PM (IST)Updated: Wed, 09 May 2018 04:55 PM (IST)

हार्इकोर्ट ने वेतन के साथ एरियर का भुगतान नहीं करने के मामले में मुख्य स्थायी अधिवक्ता को अवमानना नोटिस जारी किया है।

मुख्य स्थायी अधिवक्ता के खिलाफ अवमानना नोटिस पर रोक
मुख्य स्थायी अधिवक्ता के खिलाफ अवमानना नोटिस पर रोक

नैनीताल, [जेएनएन]: हाई कोर्ट ने मुख्य स्थायी अधिवक्ता(सीएससी) परेश त्रिपाठी के खिलाफ जारी अवमानना नोटिस के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी है। साथ ही अगली सुनवाई 21 मई नियत कर दी।

दरअसल शिक्षा विभाग में कार्यरत त्रिलोक सिंह कठैत द्वारा याचिका दायर कर कहा गया था कि 2011 से उन्हें वेतन नहीं दिया जा रहा है। कोर्ट ने याचिका को सुनने के बाद 50 फीसद वेतन के साथ एरियर के भुगतान का आदेश पारित किया था मगर शिक्षा विभाग द्वारा आदेश का अनुपालन नहीं किया गया। इस मामले में कोर्ट ने माध्यमिक शिक्षा निदेशक आरके कुंवर व मुख्य शिक्षा अधिकारी रुद्रप्रयाग को कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए थे। एकलपीठ ने जब याचिकाकर्ता की फाइल का अवलोकन किया तो पाया कि मुख्य शिक्षा अधिकारी द्वारा झूठा शपथ पत्र पेश किया गया है। 

सीएससी परेश त्रिपाठी द्वारा कोर्ट को अवगत कराया कि ना तो गलत शपथ पत्र संलग्न किया गया है और ना ही कोई तथ्य कोर्ट से छुपाया गया है। उनके बयान को गुमराह करने वाला मानते हुए कोर्ट ने सीएससी त्रिपाठी को अवमानना नोटिस जारी करने के निर्देश रजिस्ट्रार जनरल को दिए। 

एकलपीठ के आदेश के खिलाफ सीएससी द्वारा विशेष अपील दायर कर चुनौती दी गई। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति केएम जोसफ व न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की खंडपीठ ने मामले को सुनने के बाद सीएससी खिलाफ पारित आदेश पर रोक लगा दी।

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