जागरण संवाददाता, नानकमत्ता : सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के औचक निरीक्षण में सीएमओ को अनियमितताएं मिली। जिसके बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने अस्पताल में तैनात समस्त स्टाफ का वेतन रोकने के आदेश पारित कर दिए हैं। 

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. सुनीता रतूड़ी, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी हरेंद्र मलिक के साथ 28 अप्रैल को नानकमत्ता सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर औचक निरीक्षण किया। अस्पताल में गंदगी, लेबर रूम में व्यवस्थाएं ठीक नहीं मिली।

सीएमओ ने जिसकी रिपोर्ट तैयार की। इसके बाद सितारगंज के प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक डॉ राजेश आर्य ने नानकमत्ता सरकारी अस्पताल पहुंचकर स्वास्थ्य संबंधी जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था को ठीक करवाया। सीएमओ ने अस्पताल में तैनात समस्त स्टाफ का वेतन रोकने के आदेश जारी कर दिए हैं। 

अस्पताल में 3 डॉक्टर तैनात

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पांच डॉक्टर की तैनाती है। जिनमें एक डॉक्टर काशीपुर में अटैच है जबकि दूसरे डॉक्टर चिकित्सा शिक्षा के लिए गये है। वर्तमान में तीन महिला डॉक्टरों की अस्पताल में तैनाती है। इसके अलावा सफाई कर्मी, एएनएम, स्टाफ नर्स और लैब टेक्नीशियन अस्पताल में तैनात हैं। फार्मासिस्ट का पद अभी रिक्त चल रहा है। 

सीएमओ सुनीता चुफाल ने बताया कि नानकमत्ता अस्पताल का निरीक्षण किया गया था। अस्पताल में स्वास्थ्य संबंधी  अव्यवस्थाएं मिली। जिसके बाद स्पष्टीकरण मांगा गया था। अस्पताल में तैनात समस्त स्टाफ के वेतन रोकने की संस्तुति कर दी है।

क्लीनिक में आग लगने से लाखों का सामान जला

शक्ति फार्म : ग्रामसभा रुदपुर के मुख्य चौराहे पर स्थित क्लीनिक में मंगलवार मध्य रात आग लग गई। जिसमें चिकित्सा से संबंधित सार्टिफिकेट, क्लीनिक में रखे फर्नीचर, अलमारी, काउंटर, दवाइयां, जरूरी दस्तावेज सहित साथ लाखों का सामान जलकर राख हो गया। किसी तरह आग पर काबू पाया गया l आग लगने की वजह का पता नहीं चल सका। ग्राम सभा रुद्रपुर के मुख्य चौराहे पर डा. जोगेश हालदार का होम्योपैथिक क्लिनिक है। मंगलवार की मध्य रात आग लग गई।

Edited By: Prashant Mishra