जागरण टीम, हल्द्वानी : टिकट वितरण के बाद अपने नेताओं के बगावती तेवर से असहज हुई भाजपा व कांग्रेस मान मनव्वल में जुटी हुई है। इनमें कुछ सीटों पर तो बात बन गई। लेकिन अधिकतर पर नामांकन के आखिरी दिन बागियों के तेवर और भी तल्ख नजर आए। हालांकि नाम वापसी तक नाराजगी दूर करने का एक और मौका है। यही कारण है कि शुक्रवार को पूरे दिन भाजपा की ओर से खुद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व कांग्रेस से हरीश रावत आपदा प्रबंधन में जुटे रहे।

भाजपा से ठुकराल व अजय ने ठोंकी ताल, उत्तम दत्ता माने

बात भाजपा के मैनेजमेंट की करें तो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के गृह जनपद ऊधम सिंह नगर की रुद्रपुर विधानसभा से नाराज विधायक राजकुमार ठुकराल ने निर्दल नामांकन कर दिया। उन्हें मनाने का संगठन का सारा प्रयास असफल साबित हुआ। ऐसे में यहां से वह भाजपा प्रत्याशी शिव अरोरा की मुश्किल बढ़ा सकते हैं। यही हाल किच्छा विधानसभा का भी रहा। यहां से अजय तिवारी ने नामांकन कर दिया। हालांकि शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय सुबह ही उनके घर मनाने पहुंचे। लेकिन अजय उनसे नहीं मिले। नाराज पूर्व जिलाध्यक्ष उत्तम दत्ता को मनाने की जिम्मेदारी संगठन ने प्रदेश चुनाव सह प्रभारी लाकेट चटर्जी को सौंपी, जिसमें वह सफल रहीं।

शेर सिंह गढिय़ा को मनाने में सीएम सफल

बागेश्वर जिले के कपकोट विधानसभा से नाराज शेर सिंह गढिय़ा को मनाने में मुख्यमंत्री सफल रहे। गढिय़ा ने पूरी तैयारी के बाद भी नामांकन नहीं किया। इससे पार्टी को बड़ी राहत मिली। काशीपुर की मेयर ऊषा चौधरी व आशीष गुप्ता को संगठन साधने में सफल रहा। उनके बगावतीसुर थम गए। नैनीताल जिले की भीमताल विधानसभा से मंडी समिति के पूर्व अध्यक्ष मनोज शाह भाजपा छोड़ निर्दल मैदान में हैं। वीआइपी सीट कालाढूंगी में भी पूर्व दर्जाधारी गजराज बिष्ट ने खुद की उपेक्षा का आरोप लगा भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोला है। लालकुआं की वीआइपी सीट से भी भाजपा के पवन चौहान ने नामांकन करा दिया है।  हालांकि पार्टी पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, बागेश्वर व नैनीताल जिले की 15 विधानसभाओं में बागियों को मनाने में कामयाब रही। इनमें गंगोलीहाट से मीना गंगोला व अल्मोड़ा से रघुनाथ सिंह चौहान जैसे बड़े नाम भी शामिल हैं।      

कांग्रेसी संध्या को नहीं मना पाए हरदा, लालकुआं से निर्दल नामांकन  

कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री के प्रबल दावेदार हरीश रावत की सीट लालकुआं भी तमाम प्रयास के बाद भी बगावत से अछूती नहीं रही। यहां से कांग्रेस की पूर्व घोषित प्रत्याशी संध्या डालाकोटी ने निर्दल नामांकन कर दिया। हालांकि गुरुवार को संध्या को मनाने हरीश रावत के साथ यशपाल आर्य भी उनके घर पहुंचे। देर रात तक चली मनुहार के बाद भी बात नहीं बनी। वहीं, पूर्व मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल व पूर्व विधायक के बगावती सुर थम गए। दोनों नामांकन के समय हरीश रावत के साथ ही मौजूद रहे।  

किच्छा, रामनगर व बागेश्वर में काम न आया आपदा प्रबंधन  

किच्छा से कांग्रेस महामंत्री हरीश पनेरू को मनाने का भी प्रयत्न असफल रहा। उन्होंने निर्दल मोर्चा संभाल लिया है। यहां से पार्टी ने पूर्व मंत्री तिलक राज बेहड़ को उतारा है। रामनगर से कांग्रेस के बागी संजय नेगी ने भी निर्दल नामांकन कर दिया। वह यहां से महेंद्र सिंह पाल को टिकट देने से नाराज हैं। बागेश्वर विधानसभा में कांग्रेस के बागी खुलकर सामने आए हैं। यहां से पार्टी ने रंजीत दास को प्रत्याशी बनाया है। इस कारण बालकृष्ण और भैरवनाथ टम्टा ने पार्टी छोड़ नामांकन कर दिया। यहीं से सच्जन लाल टम्टा ने निर्दल मोर्चा संभाल लिया है। हालांकि जिलाध्यक्ष लोकमणि पाठक के अनुसार नाराज नेताओं को मनाने का प्रयास चल रहा है। वह नामांकन वापस कर सकते हैं।

कांग्रेस के बाद हेम आर्य ने भाजपा भी छोड़ी, आप से किया नामांकन

सबसे विकट स्थिति नैनीताल सुरक्षित विधानसभा की रही। टिकट की उम्मीद में कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हेम आर्य ने नामांकन से ठीक पहले फिर पाला बदलकर आम आदमी पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर नामांकन भी कर दिया। यहां से भाजपा ने महिला कांग्रेस की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सरिता आर्य तो कांग्रेस ने भाजपा के पूर्व विधायक संजीव आर्य को प्रत्याशी बनाया है। हेम को न कांग्रेस साध सकी और न ही भाजपा। वहीं कांग्रेस महिला मोर्चा की राष्ट्रीय सचिव मंजू तिवारी ने भी कांग्रेस छोड़ आप में शामिल हो गई हैं। आप ने उन्हें कालाढूंगी विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी बनाया है।

Edited By: Prashant Mishra