जागरण संवाददाता, नैनीताल: मन को बालक की तरह नवसृजित कर लो, बुराइयों के जख्म खुद छंट जाएंगे और जीवन सरल हो जाएगा। बच्चों का मन संक्रमण से परे होता है। प्रसिद्घ अध्यात्म गुरु योगीराज गुरुनाथ सिद्घिनाथ ने यह विचार रविवार को शुेरवुड कालेज में पत्रकारों से बातचीत के दौरान व्यक्त किए।

गुरुनाथ शेरवुड कालेज में 1942 बैज में बालीवुड स्टार अभिनेता कबीर बेदी के सहपाठी रहे हैं। गुरुनाथ भारत के अलावा कई देशों में अध्यात्म की अलख जगा रहे हैं। वह अध्यात्म को वर्तमान की जरूरत बता रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिवेश में नित नई बुराइयां जन्म ले रही हैं। जिनके बीच मानव जकड़ता जा रहा है। इनसे बचने के लिए अध्यात्म का होना जरूरी है। दुनिया में आज क्या कुछ नहीं है, अगले कुछ सालों में हम मंगल व चांद की सैर भी करने लगेंगे, लेकिन इन सब के बीच मन का वह सुकून कहां है। जिसे हम खोते जा रहे हैं। जो किसी भी समाज के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं। इसलिए आज अध्यात्म ज्ञान की जरूरत अधिक महसूस होने लगी है। अध्यात्म की वे कई पुस्तकें लिख चुके हैं और साहस को सफलता का मूल मंत्र मानते हैं। उन्होंने अपने विद्यार्थी जीवन में विद्यालय से साहसिक अवार्ड पाया था। उन्होंने कहा कि शेरवुड कॉलेज में दी जाने वाली शिक्षा आत्म विश्वास से लबरेज होती है। इसीलिए इस विद्यालय से शिक्षा ग्रहण करने के बाद कई नाम ऐसे हैं, जो देश-विदेश में ख्याति अर्जित करने में कामयाब रहे हैं। इस मौके पर प्रधानाचार्य अमनदीप संधु मौजूद थे।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस