नैनीताल, जेएनएन : हाई कोर्ट ने एनएच-74 मुआवजा घोटाला मामले में जेल में बंद बिल्डर सुधीर चावला, किसान विक्रमजीत सिंह व दिलबाग सिंह की जमानत अर्जी मंजूर कर ली है। अब इस घोटाले में सभी आरोपितों को जमानत मिल चुकी है। एसआइटी बिल्डर चावला के साथ ही प्रिया शर्मा के खिलाफ एंटी करप्शन कोर्ट में आरोप तय कर चुकी है। 
एसआइटी का कहना है कि बिल्डर सुधीर चावला व प्रिया शर्मा एनएच चौड़ीकरण में सरकार से अधिक मुआवजा हासिल कर राजस्व को हानि पहुंचाई। इसके लिए दोनों ने राजस्व अधिकारी, कर्मचारियों, किसानों, बिचौलियों व दलालों से मिलकर बैक डेट में धारा-143 के आधार पर कृषि भूमि को अकृषि घोषित कर गई गुना अधिक मुआवजा हासिल किया। मुआवजे से प्राप्त कमीशन की धनराशि को सही दर्शाने के मकसद से गलत इकरारनामे कराए गए। इस घोटाले में 26 आरोपितों की गिरफ्तारी की गई, जिसमें से एक की मौत हो चुकी है। सोमवार को न्यायाधीश न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी की कोर्ट ने आरोपित सुधीर चावला के साथ ही किसान विक्रमजीत व दिलबाग सिंह की जमानत मंजूर कर ली। 

जीवीेके मामले में हाई कोर्ट ने 26 तक मांगा जवाब
हाई कोर्ट ने जीवीके फील्ड कर्मचारी संघ की याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को 26 मई तक जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। अगली सुनवाई 27 मई को होगी।पिछले साल 108 कर्मचारियों ने याचिका दायर कर कहा था कि उन्हें नौकरी से न हटाया जाए। साथ ही सरकारी कर्मचारियों की तरह वेतनमान की मांग की थी। कहा कि जीवीके कंपनी को सरकार पैसा देती है। पिछले एक मई से सरकार ने 108 का संचालन कैंप कंपनी को दिया तो इन कर्मचारियों को नोटिस जारी किया। इन कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें 11 साल का अनुभव है। न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ ने मामले को सुनने के बाद सरकार को जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए।

 

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Posted By: Skand Shukla

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