नैनीताल, जेएनएन : जिला जज एवं विशेष न्यायाधीश भ्रष्टचार निवारण राजीव खुल्बे की कोर्ट में एनएच-74 मुआवजा घोटाला मामले में 23 आरोपितों पर आरोप तय करने के मामले में सुनवाई पूरी हो गई है। अब 21 सितंबर को कोर्ट फैसला सुनाएगी कि इन आरोपितों के खिलाफ किन धाराओं में अभियोजन चलाया जाए। 

बुधवार को एंटी करप्शन कोर्ट में  पूर्व भूमि अध्याप्ति अधिकारी डीपी सिंह समेत 23 आरोपितों पर लगे आरोपों पर सुनवाई हुई। अभियोजन की ओर से डीजीसी फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने अदालत को बताया कि राजस्व अधिकारी-कर्मचारियों की मिलीभगत से काश्तकारों की कृषि भूमि की बैकडेट में श्रेणी बदलकर करोड़ों का कमीशन प्राप्त किया गया। एसआइटी जांच में प्रथमदृष्टïया आरोपितों के खिलाफ दस्तावेजी अभियोजन साक्ष्य मौजूद हैं। चकबंदी की भूमि तक की श्रेणी बदलकर मुआवजा ले लिया गया। उधर, बचाव पक्ष के एक दर्जन अधिवक्ताओं ने अभियोजन पक्ष के आरोपों को गलत बताया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद चार्ज फ्रेम करने के लिए 21 सितंबर की तिथि नियत कर दी। 

अभियोजन को लेकर एसआइटी गंभीर नहीं

प्रदेश के चर्चित एनएच घोटाला मामले को लेकर एसआइटी गंभीर नहीं है। सुनवाई के दौरान एसआइटी के कोई अधिकारी मौजूद नहीं थे। अब तक स्थायी पैरोकार तक नहीं बनाया गया। इधर डीजीसी फौजदारी की ओर से इस मामले में बहस के लिए वरिष्ठ संयुक्त निदेशक स्तर के अधिकारी की नियुक्ति करने के लिए शासन को पत्र भेजा है।

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