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    हल्‍द्वानी के बनभूलपुरा में पकड़ा जा चुका डेमोग्राफी बदलने का खेल, तीन को जेल तो 48 लोगों के डोमेसाइल हुए थे कैंसिल

    Updated: Sat, 29 Nov 2025 08:21 PM (IST)

    हल्द्वानी के बनभूलपुरा में डेमोग्राफी बदलने का प्रयास पहले भी सामने आ चुका है। इस मामले में तीन लोगों को जेल हुई थी, और 48 लोगों के डोमेसाइल रद्द कर दिए गए थे। क्षेत्र में जनसांख्यिकी परिवर्तन की कोशिशों के खिलाफ पहले भी सख्त कार्रवाई की गई है। अवैध रूप से डोमेसाइल प्राप्त करने वालों के निवास प्रमाण पत्र रद्द किए गए।

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    13 नवंबर को कमिश्नर की छापेमारी के बाद खुली थी फर्जीवाड़े की परतें। प्रतीकात्‍मक

    जागरण संवाददाता, हल्द्वानी। बनभूलपुरा में इसी नवंबर माह में डेमोग्राफी बदलने का खेल भी पकड़ा जा चुका है। कमिश्नर की छापेमारी के बाद गिरोह की कहानी सामने आई थी। जिसमें बाद पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जबकि प्रशासन ने पिछले पांच साल में गलत तरीके से बनाए गए 48 स्थायी निवास प्रमाणपत्रों को निरस्त किया था। इस पूरे मामले में जांच का दौर अब भी जारी है।

    13 नवंबर को कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने एक शिकायत के बाद बनभूलपुरा में मो. फैजान मिकरानी के घर पर छापा मारा था। लेकिन वह मौके से फरार हो गया। छानबीन में घर से कई अहम दस्तावेज मिले थे। पता चला कि बरेली निवासी रईस नाम के व्यक्ति का स्थायी निवास प्रमाणपत्र बनाने के लिए हल्द्वानी निवासी किसी रईस के दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया। तहसीलदार की ओर से बनभूलपुरा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने के बाद पुलिस ने फैजान, रईस के अलावा ऊर्जा निगम के अस्थायी कर्मचारी दिनेश सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया था।

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    डेटा आपरेटर दिनेश ही फैजान को पुराने बिजली बिल उपलब्ध कराता था। जिनके आधार पर गलत तरीके से स्थायी निवास बनाने के लिए आनलाइन आवेदन किया जाता था। शासन स्तर तक बात पहुंचने पर सीएम पुष्कर धामी ने गहनता से मामले की जांच के निर्देश दिए। इसके बाद एसडीएम, सिटी मजिस्ट्रेट औैर तहसीलदार ने पुराने रिकार्ड को खंगालना शुरू कर दिया। 2020 से 2025 के बीच बने 48 स्थायी निवास प्रमाणपत्र अब तक निरस्त हो चुके हैं।

    सरकारी योजनाओं का लाभ और नौकरी पाने का खेल

    फर्जी तरीके से अहम दस्तावेज तैयार कर सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के साथ सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन भी किया जाता है। जांच के दौरान एक कामन सर्विस सेंटर के साथ ही एक स्टांप वेंडर का लाइसेंस भी निरस्त किया गया। नैनीताल के अलावा ऊधम सिंह नगर में भी कई जगहों पर जांच की जा रही है।