नैनीताल, [जेएनएन]: ऊधमसिंह नगर जिले के रुद्रपर नगर निगम की मेयर सोनी कोली के अलावा 16 पार्षदों की कुर्सी खतरे में पड़ गई है। हाई कोर्ट ने नजूल भूमि पर अवैध कब्जे के मामले में दायर जनहित याचिका पर दिए निर्देशों के बाद कुमाऊं आयुक्त की जांच रिपोर्ट को आधार बनाते हुए तीन माह में निर्णय लेने के निर्देश सचिव शहरी विकास को दिए हैं। कुमाऊं आयुक्त की जांच रिपोर्ट में मेयर व पार्षदों को नजूल भूमि पर अवैध कब्जे का दोषी ठहराया गया है। कोर्ट ने पालिका अधिनियम की धारा 16-14 व धारा-83 के तहत कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।

रुद्रपुर के पूर्व सभासद रामबाबू ने जनहित याचिका दायर कर कहा था कि 2013 के निकाय चुनाव में नामांकन कराने के दौरान मौजूदा मेयर सोनी कोली तथा 16 पार्षदों द्वारा झूठा शपथ पत्र दिया गया है। नियमानुसार कोई भी व्यक्ति नगर पंचायत, नगरपालिका, नगर निगम या ग्राम पंचायत का चुनाव नहीं लड़ सकता, जो सरकार की नजूल भूमि पर काबिज हो। उक्त लोगों द्वारा इस तथ्य को छिपाया गया।

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आरटीआई के तहत मांगी गई सूचना से इसका खुलासा हुआ। याचिकाकर्ता के अनुसार शासन को शिकायती पत्र भेजकर मेयर व पार्षदों की सदस्यता निरस्त करने की मांग की थी मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

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इधर कोर्ट के आदेश पर कुमाऊं कमिश्नर द्वारा आरोपों की जांच की गई तो आरोपों की पुष्टि हो गई। गुरुवार को वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजीव शर्मा व न्यायमूर्ति आलोक सिंह की खंडपीठ ने सचिव शहरी विकास को गुणदोष के आधार पर मामले में तीन माह में निर्णय लेने के निर्देश देते हुए याचिका को निस्तारित कर दिया।

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Posted By: sunil negi