हल्द्वानी, जेएनएन : डाक विभाग द्वारा लोगों को घर बैठे बैंकिंग सेवा प्रदान करवाने की योजना की गति पर ब्रेक सा लगता नजर आ रहा है। ऐसा हम नहीं खुद योजना की आठ महीने के आंकड़े बता रहें हैं। 

सरकार ने खासकर दुर्गम क्षेत्रों में रह रहे लोगों को घर बैठे बेहतर बैंकिंग सुविधा मुहैया करवाने के लिए महत्वाकांक्षी योजना इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आइपीपीबी) की शुरुआत की थी, लेकिन इस योजना का नैनीताल जिले में कुछ खासा रुझान नहीं दिखाई दे रहा हैं। 

एक सितंबर 2018 से शुरू हुए इस योजना में अबतक मात्र तीन हजार के करीब ही खाते खुले हैं। वहीं अगर इन खुले खातों में से एक्टिव खातों की बात करे तो इन में से सिर्फ तीस प्रतिशत ही खाते ऐसे है जो कि एक्टिव हैं। जिनमें राशी का लेन-देन सुचारू हैं। 

वहीं सरकार की तरफ से योजनाओं पर लाखों करोड़ों खर्च किए जाने और सभी सुविधा मुहैया करवाएं जाने के बाद भी योजना का धरातल पर न उतर पाना कही न कही संबंधित अधिकारियों की कार्य शैली पर संदेह पैदा करता हैं। 

प्रदेश में योजना की स्थिति के बारे में योजना की चीफ मैनेजर उत्तराखंड रुबी कुमारी से पूछे जाने पर उन्होंने किसी भी तरह की जानकारी साझा करने से साफ मना कर दिया। उन्होंने कहा कि लिखित रूप में मांगे जाने पर ही योजना से जुड़ी कोई भी जानकारी दी जाएगी। मौखिक तौर पर हम किसी भी तरह की जानकारी नहीं दे सकते हैं। 

जानिए योजना के बारे में 

योजना का मुख्य स्लोगन है आपका बैंक आपके द्वार। इसमें आपके एक फोन पर पोस्टमैन पैसा लेकर आपके घर पहुंचेगा। इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के तहत डाकघर की बैंङ्क्षकग सेवा के लिए आपको अपना पैसा निकालने के लिए डाकघर तक जाने की भी जरूरत नहीं होगी। आपके एक फोन पर पोस्टमैन आपके घर तक पैसा लेकर पहुंच जाएगा। इसके लिए खाता खोलवाते समय ही डाकघर आपको एक क्यूआर कोड देगा। यह एटीएम की तरह का एक कार्ड होगा। पोस्टमैन घर पर पैसा लेकर जाएगा तो आपको यह कोड उसे बताना होगा।

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Posted By: Skand Shukla

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