हल्द्वानी, जेएनएन : कोरोना काल में ट्रांसपोर्ट नगर का कारोबार थम गया है। वाहन स्वामी टैक्स में छूट, इंश्योरेंस व मज़दूरों की पगार तक अपने जेब से देने पर मजबूर हैं। कारोबार में घाटा सहकर थक चुके टीपी नगर के व्यापारियों ने 220 गाड़ियों को सरेंडर कर दिया था। इससे टैक्स का बोझ कम हो गया। वहीं, व्यापारियों के पास बचे वाहनों से कमाई की उम्मीद थी, मगर वाहनों की संख्या आधी होने के बाद भी बाजार में काम नहीं है। इसके चलते व्यापारियों को बचे वाहनों का आपने पास से टैक्स भरना पड़ रहा है। जिससे वे परेशान हैं। टीपीनगर में करीब 450 वाहन हैं।

 

इनकम नहीं होने से 50 प्रतिशत गाड़ियां सरेंडर कर दी गई हैं। फिर भी ट्रांसपोर्टर पूरे दिन ख़ाली बैठ रहे हैं। पूरे दिनभर में लोडिंग का एक भी आर्डर नहीं मिल रहा है।

प्रदीप सबरवाल, ट्रांसपोर्ट कारोबारी

 

सरकार व्यापारियों के हित में सोचने के बजाय राजस्व जमा करने में जुटी है। व्यापारियों को टैक्स में कोई छूट नहीं मिली। ऊपर से समय पर टिकिट जमा नहीं करने पर पेनाल्टी भी वसूल ली।

अलाउद्दीन अंसारी, ट्रांसपोर्ट कारोबारी

 

टीपी नगर में अधिकांश वाहन बैंक से फ़ाइनेंस हैं। किश्त जमा करना, टैक्स देना व मज़दूरों का वेतन निकालना मुश्किल हो गया है। जबकि आमदनी एक पैसे की नहीं बची है।

अरविंदर सिंह भसीन, ट्रांसपोर्ट कारोबारी

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