कैंची धाम के पास मौजूद गांव पर मंडरा रहा खतरा, जमीन पर जगह-जगह पड़ी बड़ी दरारें
बेतालघाट के बसगांव में घरों के नीचे गहरी दरारें आने से लोग दहशत में हैं। दो सौ मीटर के दायरे में एक मीटर तक की दरारें देखी गई हैं, जिससे कई घरों को खतरा है। प्रशासन ने निरीक्षण किया है और भूगर्भीय सर्वे की आवश्यकता बताई है। ग्रामीणों ने खतरे को टालने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।

दो सौ मीटर दायरे में एक मीटर तक गहरी हुई दरार. Jagran
संवाद सूत्र, गरमपानी। बेतालघाट ब्लॉक के बसगांव क्षेत्र में आवासीय भवनों के ठिक नीचे दो सौ मीटर दायरे में करीब एक मीटर गहरी दरारें सामने आने के बाद हरकत में आई श्री कैंची धाम तहसील प्रशासन की टीम ने गांव का दौरा कर स्थलीय निरीक्षण किया। दरार से दस से ज्यादा परिवारों के आवासीय भवनों को नुकसान होने का अंदेशे के साथ ही कोसी नदी क्षेत्र की ओर से भी अन्य दरारों के उभरने से धंसाव की पुष्टि हुई। लगातार दरारें गहरी होने से गांव के लोग भी दहशत में हैं।
बंसगाव क्षेत्र में आवासीय भवनों से कुछ दूरी पर लंबी चौड़ी दरारें सामने आने से गांव के लोग दहशत में आ गए हैं। बीते शुक्रवार को ग्रामीणों ने दरार की स्थिति देखी तो उनके होश उड़ गए। करीब दर्जनभर मकानों के नीचे दो सौ मीटर दायरे में एक मीटर गहरी दरार तथा धंसाव बढ़ने से आवासीय भवनों पर खतरा बढ़ गया है। चिंतित किसानों ने आवासीय भवनों के ऊपरी हिस्से में बने पेयजल टैंक से रिसाव का अंदेशा जता धंसाव की संभावना जताई।
मामले की गंभीरता को देख शनिवार को श्री कैंची धाम तहसील की एसडीएम मोनिका के निर्देश पर राजस्व उपनिरीक्षक मोहम्मद शकील मय टीम गांव पहुंचे। ग्रामीणों ने राजस्व उपनिरीक्षक को लगातार बढ़ रहे खतरे की जानकारी दी तथा स्थलीय निरीक्षण करवाया। निरीक्षण में गहराई दरार से दस से ज्यादा मकानों के खतरे की जद में होने की पुष्टि हुई साथ ही एक आवासीय भवन की सुरक्षा दीवार में भी दरार पहुंचने पर चिंता व्यक्त की गई। कोसी नदी क्षेत्र की ओर से भी दरारें गांव की ओर बढ़ने का खुलासा हुआ। कई अन्य स्थानों पर भी धंसाव से गहराई दरारें देखी गई।
स्थानीय अनूप सिंह नेगी ने कहा की यदि समय रहते मामले की सुध नहीं ली गई तो आवासीय भवनों पर कई गुना अधिक खतरा बढ़ सकता है। बताया की धंसाव बढ़ने से रात की नींद तक उड़ गई है। बारिश होने पर खतरा बढ़ने का अंदेशा है। गांव के मोहन सिंह, दीवान सिंह, पूरन सिंह, प्रताप सिंह, लक्ष्मी दत्त नैनवाल ने भी समय रहते खतरा टालने की मांग उठाई है। राजस्व उपनिरीक्षक मोहम्मद शकील के अनुसार दरार से खतरा बढ़ने का अंदेशा है। रिपोर्ट उपजिलाधिकारी को भेजी जाएगी। भूगर्भीय सर्वे से धंसाव बढ़ने व दरार गहराने की असल हकीकत सामने आ सकेंगी।

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