जागरण संवाददाता, हल्द्वानी : निजीकरण के विरोध में यूएफबीयू (यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन) के बैनर तले बैंकों की हड़ताल मंगलवार को भी जारी रही। नाराज बैंक कर्मियों ने शहर में रैली निकालकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लगातार दूसरे दिन की हड़ताल से जिले में बैंकों में करीब 500 करोड़ का कारोबार प्रभावित रहा।

हड़ताल के दूसरे दिन भी एसबीआई की मुख्य शाखा के बाहर बैंक कर्मियों की सभा हुई। सुबह साढ़े दस बजे सभा स्थल से तिकोनिया चैराहा, एसडीएम कोर्ट होते हुए रैली निकाली गई। जिसका समापन वापस सभा स्थल पर हुआ। एसबीआई हल्द्वानी शाखा के सचिव ओमप्रकाश नियोलिया ने जब तक सरकार बैंकों के निजीकरण के अपने प्रस्ताव को वापस नहीं ले लेती तब तक सभी बैंक कर्मचारियों को अलर्ट मोड पर रहना होगा। उन्हें अगली कॉल कभी भी मिल सकती है। इस मौके पर केएस बवेजा, महेंद्र चौधरी, कमलेश कुमार, ललतेश प्रसाद, मोहन मटियाली, राजा बहुगुणा, कैलाश पांडेय, गौरव गोयल, रोहित वर्मा, जितुल राजपूत, मोहित वर्मा, महेश लाल, रेनू, खुशबू चौरसिया, हेमलता पांडेय, चित्रा नगदली, हेमलता मिश्रा, मोहन पांडेय, भारत भूषण शर्मा, हेमंत पुजारा, कमलेश मर्तोलिया, पंकज जोशी आदि मौजूद रहे। 

बैंकों की 200 शाखाएं रही बंद

जिले में विभिन्न बैंकों की करीब 200 शाखाएं संचालित हो रही हैं। ये सभी शाखाएं और इनसे जुड़े करीब पांच हजार अफसर-कर्मचारी बीते दो दिन से हड़ताल पर हैं। मंगलवार को हड़ताल को रोडवेज एससी-एसटी इंप्लॉइज यूनियन, बीएसएनएल कांट्रेक्चुअल यूनियन, क्रांतिकारी लोक अधिकार समिति हल्द्वानी, एआईसीसीटीयू भी मौजूद रहे।

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