जागरण संवाददाता, हल्द्वानी : पूर्व सीएम व कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत को चुनाव में पार्टी का चेहरा घोषित करने के लिए हरदा खेमे के नेता अब जुट चुके हैं। गुरुवार को नैनीताल रोड स्थित एक होटल में प्रेसवार्ता के दौरान राज्यसभा सदस्य प्रदीप टम्टा ने कहा कि राजनीति में हार-जीत से ज्यादा मायने जनता के बीच उपस्थिति को माना जाता है। पूर्व सीएम हरीश रावत की मैदान से लेकर पहाड़ तक में लगातार सक्रिय हैं। लिहाजा, उन्हें पार्टी का चेहरा घोषित करवाने के लिए जरूरत पड़ने पर हाइकमान से भी मिलेंगे। फिलहाल प्रदेश प्रभारी को यह काम करना चाहिये। क्योंकि, कांग्रेस के साथ-साथ भाजपा में भी हरीश रावत के कद का कोई नेता नहीं है।

प्रेसवार्ता के दौरान राज्यसभा सदस्य प्रदीप टम्टा ने कहा कि चेहरा घोषित करने का समय आ चुका है। घोषित नाम जनता के बीच जाकर लोगों के सवालों का जवाब भी देगा। वहीं, अपनी पार्टी के नेताओं पर कटाक्ष करते हुए टम्टा ने कहा कि जो लोग 2017 के चुनाव में 70 में से 11 सीट गिनवा रहे हैं। उनके नेतृत्व में 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ा गया था। तब तो कांग्रेस शून्य पर आ गई थी। टम्टा के मुताबिक हर मुद्दों पर विफल यह सरकार करप्शन में डूबी हुई है। कांग्रेस हर हाल में वापसी करेगी।

हरदा बूढ़े नहीं

पत्रकार वार्ता के दौरान उत्तराखंड में हुए हर आंदोलन में पूर्व सीएम की मौजूदगी रही हैं। धारचूला में आपदा के दौरान वह सत्ता पक्ष से पहले लोगों की तकलीफ सुनने पहुँचे थे। ऐसे में कौन कह सकता है कि हरदा बुजुर्ग हो गए हैं।

कांग्रेस लोकल पार्टी नहीं

पार्टी से विधानसभा चुनाव से पहले सीएम उम्मीदवार घोषित करने की मांग को लेकर प्रदेश अध्यक्ष व नेता प्रतिपक्ष पूर्व में बयान दे चुके हैं। उनका कहना था कि पहले नाम घोषित करने की परंपरा नहीं है। इस पर जवाब देते हुए राज्यसभा सदस्य प्रदीप टम्टा ने कहा कि कांग्रेस कोई लोकल नहीं बल्कि नेशनल पार्टी है। पंजाब में कैप्टन अमरिंदर के नाम पर चुनाव लड़ा गया था। फिर उत्तराखंड में ऐसा क्यों नहीं हो सकता।

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