जागरण टीम, अल्मोड़ा/रानीखेत: सरकारी कर्मचारी का दर्जा व वेतन के मुद्दे पर आशा कार्यकर्ताओं ने भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जिलेभर में आशाएं सड़कों पर उतर आईं और जुलूस निकाला। तहसील मुख्यालयों में प्रदर्शन किया। कड़ी नाराजगी जताई कि सरकार कार्यकर्ताओं का कोविड ड्यूटी के दौरान तय मासिक भत्ता तक दबाए बैठी है। उन्होंने कमीशनखोरी का पुरजोर विरोध करते हुए सभी स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों की तैनाती की भी मांग उठाई। दो टूक कहा कि जब तक आशाओं को सम्मानजनक वेतन व दर्जा नहीं दिया जाता, वह चुप नहीं बैठेंगी। 

जिला मुख्यालय में आशा कार्यकर्ताओं ने गांधी पार्क में धरना दिया। हंगामी सभा भी की। बाद में कलक्ट्रेट में डीएम को ज्ञापन दिया। धरने में विजय लक्ष्मी, आनंदी वर्मा, नीमा जोशी, रेखा आर्या, किरन शाह, ममता भट्ट, लक्ष्मी वर्मा, देवकी बिष्ट, देवकी भंडारी, आयशा खान, रूपा आर्या आदि बैठीं।

रानीखेत में नारेबाजी 

यहां आशा कार्यकर्ता तहसील मुख्यालय जा धमकी। नारेबाजी की। एसडीएम गौरव पांडे को ज्ञापन दिया। इस दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष मीना आर्या, ब्लॉक अध्यख कमला जोशी, भावना बिष्टï, उमा पंत, कुसुम बिष्टï, मंजू चौधरी, अलका देवी, गरिमा देवी, माया जोशी, हेमा मेहरा आदि मौजूद रहीं। 

द्वाराहाट में हल्ला बोल 

आशाओं ने यहां भी तहसील मुख्यालय में प्रदर्शन किया। सीएम को ज्ञापन भेजा। इस दौरान अध्यक्ष ललिता मठपाल, आशा कांडपाल, विमला आर्या,  दीपा भरड़ा, रमा बिष्ट, पुष्पा रावत, गीता पांडे, उषा चौधरी, भगवती देवी, आशा रौतेला, नीमा देवी, चंपा अधिकारी, हेमा बिष्ट आदि मौजूद रहीं। 

स्याल्दे में जुलूस 

आशा कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकाल प्रदर्शन किया। इसमें ब्लॉक अध्यक्ष धना कत्यूरा, सचिव गीता देवी, पुष्पा देवी, बसंती देवी, हंसी देवी, देवकी देवी, ममता देवी, रेखा पंचोली, तुलसी देवी, पार्वती देवी, अनीता देवी, राधा देवी, शोभा देवी, लक्ष्मी देवी, प्रेमा देवी, कमला देवी आदि शामिल रहीं। 

ये हैं प्रमुख मांगें 

न्यूनतम वेतन 21 हजार रुपये हो। अन्य स्कीम वर्कर की भांति मासिक मानदेय फिक्स करो। पेंशन व्यवस्था। कोविड ड्यूटी में घोषित 10 हजार रुपये का मासिक भत्ता दो। 50 लाख का बीमा व 10 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा। कोविड ड्यूटी के दौरान जान गंवाने पर आश्रितों को 50 लाख का बीमा व चार लाख रुपये का अनुग्रह भुगतान हो। उड़ीसा की तर्ज पर आश्रितों को विशेष मासिक भुगतान। सेवाकाल में सुरक्षा का प्रावधान हो। दुर्घटना या गंभीर बीमारी पर न्यूनतम 10 लाख रुपये मिलें। अस्पतालों में सम्मानजनक व्यवहार। कोरोना ड्यूटी का अलग भुगतान नहीं तो ड्यूटी नहीं।

Edited By: Prashant Mishra