छात्र संघ चुनाव: पिता ने थामी बेटे की चुनावी कमान, ABVP-NSUI को पीछे छोड़ बना उत्तराखंड के सबसे बड़े कॉलेज का अध्यक्ष
आर्यन बेलवाल ने एमबीपीजी कॉलेज छात्र संघ चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीत हासिल की, 16 सालों में वे पांचवें निर्दलीय अध्यक्ष बने हैं।

हल्द्वानी एमबीपीजी कॉलेज के नव निर्वाचित छात्र संघ अध्यक्ष आर्यन बेलवाल। जागरण

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सुमित जोशी, हल्द्वानी । एमबीपीजी कालेज के विद्यार्थियों ने आर्यन बेलवाल को सत्ता की कमान सौंपी है। 16 सालों में वे पांचवें निर्दल छात्र संघ के अध्यक्ष बने हैं। आर्यन के पिता कृष्ण चंद्र बेलवाल चुनावी रण में सारथी की भूमिका में नजर आए।
उन्होंने पग-पग पर अपने पुत्र का मार्गदर्शन किया। पुराने संगठनात्मक अनुभव और योजना-रचना कौशल से चुनाव के पूरे प्रबंधन को संभाला, मगर पर्दे के पीछे ही बने रहे। आर्यन भी उनके दिए सूत्रों को कंठस्थ कर पथ पर बढ़ते रहे और विजय की पताका लहराकर जीत माता-पिता के चरणों पर अर्पित की।
दरअसल, आर्यन बेलवाल का परिवार तीन पीढ़ियों से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ा रहा है। साथ ही शहर में सेवाकार्यों में भी आगे रहा है। उनके परदादा पं. देवी दत्त बेलवाल ने श्री सनातन धर्म संस्कृत महाविद्यालय और श्री महादेवगिरी संस्कृत महाविद्यालय बनवाया था।
दादा हरीश चंद्र बेलवाल संघ के स्वयंसेवक
वहीं, नैनीताल बैंक से वरिष्ठ प्रबंधक पद से सेवानिवृत्त दादा हरीश चंद्र बेलवाल भी संघ के स्वयंसेवक हैं। वे 2004 से 2014 तक नैनीताल जिले में विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष रहे। जबकि, आर्यन के पिता कृष्ण बेलवाल वर्ष 1990 से 1994 तक हल्द्वानी में एबीवीपी के नगर अध्यक्ष रहे। इसके अलावा आरएसएस के प्रभात कार्यवाह, नगर प्रचार प्रमुख, सह नगर कार्यवाह रहे। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के प्रांत कोषाध्यक्ष भी हैं।
वर्तमान में महात्मा गांधी इंटर कालेज में प्रवक्ता हैं। परिवार की सामाजिक गतिविधियों में सक्रियता के साथ ही पिता के संगठन और समाज में रहकर काम करना आर्यन की जीत की महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में उभरकर सामने आया। जिसमें प्रचार सामग्री में लिखा गया नारा बागी पर दागी नहीं सबसे ज्यादा प्रभारी रहा।

एमबीपीजी कालेज के नवनिर्वाचित छात्र संघ अध्यक्ष आर्यन बेलवाल अपने माता-पिता के साथ। सौ. स्वयं
संघ परिवार के लिए कार्यकर्ताओं ने त्यागे पद
आर्यन के एबीवीपी में सक्रिय रहने की बात कहते हुए उनके साथ कुमाऊं संयोजक कौशल बिरखानी, विभाग संयोजक निखिल सोनकर, जिला संयोजक धीरज गढ़कोटी और पूर्णकालिक हिमानी गोस्वामी ने संगठन छोड़ दिया था।
निर्दल चुनाव लड़ाने के लिए मैदान पर उतर आए। यह हर कदम पर उनके साथ रहे। वहीं, छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष दीपक सनवाल, जगदीश बिष्ट, विरेंद्र बिष्ट, अक्षय सुयाल, पूर्व उपसचिव अंकित ताेलिया सहित भाजपा के भी कई नेता आर्यन के साथ नजर आए। उनके परिवार का संघ से वर्षों पुराना जुड़ाव होने का हवाला देते हुए पूर्व और वर्तमान पदाधिकारी उनके साथ जुड़े।
आर्यन ने चुनाव जीतने का संकल्प ले त्याग दिए जूते-चप्पल
निर्दल चुनाव लड़ने का ऐलान करते हुए आर्यन बेलवाल ने जूते-चप्पल त्याग दिए थे। चुनाव होते तक नंगे पैर रहने का संकल्प लिया था। साथ ही मंगलवार को चुनाव के दौरान भी वे परिसर में नंगे पैर ही नजर आए। इसने काफी प्रभाव डाला। वहीं, निर्दल चुनावी मैदान में उतरने के बाद गोल्ज्यू मंदिर में जाकर एबीवीपी का पटखा त्यागने वाले वीडियो संदेश भी लोगों को काफी भावुक किया।
