विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 26, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अद्भुत खगोलीय घटना का साक्षी बना एरीज, यादगार रहा साल का अंतिम सूर्यग्रहण nainital news

By Skand ShuklaEdited By:
Published: Thu, 26 Dec 2019 08:19 PM (IST)Updated: Thu, 26 Dec 2019 09:20 PM (IST)

जिला प्रशासन की ओर से आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान एरीज के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में लोगों ने सूर्य को चंद्रमा के साए से गुजरते देखा।

अद्भुत खगोलीय घटना का साक्षी बना एरीज, यादगार रहा साल का अंतिम सूर्यग्रहण nainital news
अद्भुत खगोलीय घटना का साक्षी बना एरीज, यादगार रहा साल का अंतिम सूर्यग्रहण nainital news

नैनीताल, जेएनएन : साल के अंतिम सूर्यग्रहण की अद्भुत खगोलीय घटना का नजारा गुरुवार की सुबह यादगार बन गया। जिला प्रशासन की ओर से आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान एरीज के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में लोगों ने सूर्य को चंद्रमा के साए से गुजरते देखा। सूर्यग्रहण पर आधारित विविध कार्यक्रमों के मुख्य अतिथि डीएम सविन बंसल थे।

कुछ यूं दिखा ग्रहण

सुबह 8.21 बजे चंद्रमा ने सूर्य के सामने से गुजरना शुरू किया, जिससे सूर्य के पश्चिम दिशा में सूर्य पर ग्रहण की काली छाया पडऩी नजर आने लगी थी। समय जैसे आगे बढ़ा, सूर्य पर काली छाया का साया भी बढ़ता चला गया। 9.35 बजे सूर्य का सर्वाधिक 39 प्रतिशत हिस्सा ही ग्रहण की चपेट में आ पाया। इसके बाद ग्रहण का छंटना शुरू हो गया, जो पूर्वाह्नï 11 बजे सूर्य चंद्रमा की काली छाया से मुक्त हो गया।

एक्लिप्‍स चश्‍में से देखा खगोलीय नजारा

इस खगोलीय घटना के दीदार को लेकर एरीज में चार दूरबीनें लगाई गई थी। साथ ही सोलर एक्लिप्स चश्में उपलब्ध कराए गए थे। इस मौके पर विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थी व पर्यटक एरीज पहुंचे हुए थे। जिन्होंने सूर्यग्रहण के रोमांचक नजारे का लुत्फ उठाया। एरीज के पूर्व निदेशक व सौर वैज्ञानिक डॉ. वहाबउद्दीन व डॉ. शशिभूषण पांडे ने दर्शकों को सूर्यग्रहण के वैज्ञानिक पहलुओं व इस घटना के कारण समेत सूर्य में होने वाली तमाम गतिविधियों से अवगत कराया। इस अवसर पर एरीज तारामंडल खोल दिया गया था, जिसमें लोगों ने सूर्य की दिनचर्या, सौर तूफान, सौरकलंक व विस्फोटक घटनाओं को जाना।

एरीज ने छोड़ा वायुमंडलीय गुब्‍बारा

इस अवसर पर एरीज ने सूर्यग्रहण के दौरान वायुमंडल में आने वाले परिवर्तन को जानने के लिए वायुमंडलीय गुब्बारा आसमान में छोड़ा। इस दौरान सीडीओ विनीत कुमार, जिला पर्यटन अधिकारी अरविंद गौड़, सीआएसटी के प्रधानाचार्य मनोज पांडे, भारतीय शहीद सैनिक विद्यालय के बिशन सिंह मेहता, नैनी रीट्रीट के जीएम संजय वाधवा, यूएस राणा, प्रताप सिंह मनराल, अनुपम उपाध्याय समेत सीआरएसटी, जीजीआइसी, जीआइसी व भारतीय शहीद सैनिक स्कूल, जीआइसी ज्योलीकोट, सेंट मैरी कॉलेज व सेंट जोजफ कॉलेज समेत अन्य लोग मौजूद थे।

यह भी पढ़ें :